सूत्रों के मुताबिक, नोटिस देने के बाद भी दिल्ली के पीएसआरआई अस्पताल की कोॉर्डिनेटरों सुनीता और मिथुन जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। दो बार नोटिस करने के बाद भी दोनों बयान दर्ज कराने नहीं आए। कोर्ट से अरेस्ट स्टे होने से दोनों अपने वकील के जरिये पुलिस कार्र्रवाई का ब्योरा जुटा रहे हैं। एसआईटी को मामले में फरार चल रह रहे संजय पांडेय, केतन कौशिक, आसिम सिकंदर, सिप्पू राय, संजय पाल, आनंद, अरविंद की गिरफ्तारी करनी है। अभी तक पीएसआरआई के सीईओ डॉ. दीपक शुक्ला और फरीदाबाद के फोर्टिस अस्पताल की कोॉर्डिनेटरों सोनिका डबास, डोनर मुहैया कराने वाले टी राजकुमार, गौरव शुक्ला समेत 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। टी राजकुमार राव समेत कई जमानत पर छूट भी चुके हैं।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जल्द ही टीम दिल्ली और अन्य स्थानों के लिए रवाना होगी। साक्ष्यों के आधार पर जांच में सहयोग न करने पर पीएसआरआई के कोऑर्डिनेटर मिथुन और सुनीता पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। साक्ष्यों के आधार पर आरोप पत्र लगाया जाएगा।
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- राजेश यादव, एसपी क्राइम