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किडनी कांड: दो और कोऑर्डिनेटर पर शिकंजा कसने की तैयारी, नामचीन अस्पतालों की तलाश में जुटी एसआईटी

Thu, 13 Jun 2019 02:08 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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किडनी कांड में आरोपी डॉक्टर दीपक शुक्ला (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर किडनी कांड की जांच के लिए गठित नई एसआईटी दूसरे नामचीन अस्पतालों और लोगों की तलाश में जुट गई है। जल्द ही कुछ और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है। पुलिस ने जांच के दायरे में आए दिल्ली के पुष्पावती सिंघानियां रिसर्च इंस्टीट्यूट (पीएसआरआई) के दो कोॉर्डिनेटरों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया, लेकिन वह नहीं आए। उल्टा दोनों ने वकील के जरिये पुलिस कार्रवाई का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया। भनक लगने पर पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन को आखिरी नोटिस देने की तैयारी शुरू की है। साथ ही दोनों की गिरफ्तारी के लिए साक्ष्य जुटाने और आरोप पत्र दाखिल करने के लिए लिखापढ़ी तेज कर दी है।
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मामले में दिल्ली में अंग प्रत्यारोपण में शामिल जिन अस्पतालों के डॉक्टरों व कोॉर्डिनेटरों के नाम सामने आए हैं, नई एसआईटी ने उन्हें दबोचने के लिए छापेमारी करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए अफसर दिल्ली पुलिस के साथ ही सर्विलांस की भी मदद ले रहे हैं। सटीक सूचना मिलने पर पुलिस टीम दबिश देगी।

 

सूत्रों के मुताबिक, नोटिस देने के बाद भी दिल्ली के पीएसआरआई अस्पताल की कोॉर्डिनेटरों सुनीता और मिथुन जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। दो बार नोटिस करने के बाद भी दोनों बयान दर्ज कराने नहीं आए। कोर्ट से अरेस्ट स्टे होने से दोनों अपने वकील के जरिये पुलिस कार्र्रवाई का ब्योरा जुटा रहे हैं। एसआईटी को मामले में फरार चल रह रहे संजय पांडेय, केतन कौशिक, आसिम सिकंदर, सिप्पू राय, संजय पाल, आनंद, अरविंद की गिरफ्तारी करनी है। अभी तक पीएसआरआई के सीईओ डॉ. दीपक शुक्ला और फरीदाबाद के फोर्टिस अस्पताल की कोॉर्डिनेटरों सोनिका डबास, डोनर मुहैया कराने वाले टी राजकुमार, गौरव शुक्ला समेत 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। टी राजकुमार राव समेत कई जमानत पर छूट भी चुके हैं। 
 

फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जल्द ही टीम दिल्ली और अन्य स्थानों के लिए रवाना होगी। साक्ष्यों के आधार पर जांच में सहयोग न करने पर पीएसआरआई के कोऑर्डिनेटर मिथुन और सुनीता पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। साक्ष्यों के आधार पर आरोप पत्र लगाया जाएगा। 

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- राजेश यादव, एसपी क्राइम

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