चकरनगर। बैंक कर्ज से परेशान कस्बा निवासी सुमन देवी ने एसडीएम ब्रह्मानंद कठेरियासे मिलकर मदद की गुहार लगाई। पीड़िता ने बताया कि पति की मृत्यु के बाद वह अपने चार नाबालिग बच्चों के साथ रहती है। पति ने घर बनाने के लिए ऋण लिया था।
2023 में पति की बीमारी से मौत हो गई थी। ऋण अदा न होने पर अब बैंक उसके घर की नीलामी की तैयारी में है। वह घरों में काम कर 150 रुपये प्रतिदिन कमा पाती है। ऐसे में बैंक का कर्ज कैसे नपटाए। अगर घर की नीलामी हुई तो उसका परिवार बेघर हो जाएगा।
सोमवार को सुमन देवी ने एसडीएम को बताया कि बैंक के कर्मचारी बार-बार ऋण का पैसा जमा करने के लिए दबाब बना रहे हैं और पैसा जमा न करने पर घर की नीलामी की बात कह रहे हैं। सुमन ने नीलामी रोके जाने की मांग की है।
एसडीएम ब्रह्मानंद कठेरिया ने विधवा महिला सुमन देवी की पीढ़ा सुनने के बाद उसे हर सम्भव मदद का आश्वासन दिया। इसके साथ ही उन्होंने उसके एक बेटे को कस्बा स्थित अंग्रेजी माध्यम स्कूल में अपने खर्च पर पढ़ाने की जिम्मेदारी ली। उन्होंने सप्लाई इंस्पेक्टर सुरजीत कुमार को पीड़ित परिवार का अंत्योदय कार्ड बनाने के भी निर्देश दिए।