संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा/ताखा।‘साहब, मैं जिंदा हूं, लेकिन पंचायत के सचिव ने मुझे मृतक दिखाकर मेरी वृद्धा पेंशन बंद करवा दी’, यह बात समाधान दिवस में समस्याएं सुन रहे एडीएम के सामने अहिवरनपुरा निवासी रामचंद ने बात कही। फरियादी रामचंद ने बताया कि सचिव की गलती के कारण उनका जीवनयापन मुश्किल हो गया है। इस पर अपर जिलाधिकारी अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने तत्काल संबंधित बीडीओ प्रदीप कुमार से स्पष्टीकरण मांगा। बीडीओ ने कहा कि यह गलती संभवतः सचिव की ओर से हुई होगी।
सचिव इंद्रपाल सिंह को बुलाया गया तो उन्होंने बताया कि यह पेंशन उनके आने से पहले ही कट चुकी थी। एडीएम ने नाराजगी जताते हुए पूछा कि उस समय सचिव कौन था, जिस पर एडीओ कृषि ने बताया कि उस अवधि में सचिव संजीव कुमार थे। तहसीलदार जावेद अंसारी ने तत्काल फोन पर उनसे बात की। मामले की गंभीरता देखते हुए अपर जिलाधिकारी ने एसडीएम श्वेता मिश्रा को आदेश दिया कि रामचंद की पेंशन का तत्काल ऑनलाइन निस्तारण कराया जाए। आदेश के बाद आरके रोहित सविता ने फरियादी को सुतियानी मोड़ तक गाड़ी से ले जाकर उनका ऑनलाइन सत्यापन और पेंशन पुनः चालू कराने की प्रक्रिया पूरी कराई। फरियादी रामचंद ने अधिकारियों का धन्यवाद देते हुए कहा कि अब उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
ताखा तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। वहीं तहसील दिवस में 24 शिकायतें आईं। इसमें से 10 का निस्तारण किया गया। उधर, सदर तहसील में डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल व एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने शिकायतें सुनीं। कुल 35 शिकायतें आईं। इनमें से सिर्फ छह का ही निस्तारण हो सका।