पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए डॉ. आंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर हैंडीकैप्ड (एआईटीएच) के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के छात्रों ने इसका विकल्प खोजा है। रविवार को कैंपस में केमिकल रिएक्शन करके केम ई कार को दौड़ाया गया। यह प्रदर्शन संस्थान के रजत जयंती समारोह शंखनाद के पहले दिन बीटेक तीसरे साल के छात्र प्रतीक कुमार और अनुष्का ने किया।
कार्यक्रम का मीडिया पार्टनर अमर उजाला है। शंखनाद का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्य आयुक्त दिव्यांगजन अजीत कुमार और यूपीएमआरसी कानपुर के परियोजना निदेशक अरविंद सिंह ने दीप जलाकर किया। प्रतीक और अनुष्का ने बताया कि एक प्लास्टिक की बोतल में पहिये लगाकर बोतल के भीतर एसिटिक एसिड और सोडियम बाई कॉर्बोनेट डालकर बोतल को बंद किया।
ढक्कन में छेद कर दिया। इसके बाद जब बोतल को हिलाकर जमीन में रखा गया तो वह सामने तेज दौड़ी। उन्होंने बताया कि एक्सो थर्मिक रिएक्शन से बोतल में गैस बनती है और छेद से बाहर निकलती है। पहिये पर प्रेशर पड़ता है तो वे भी चलने लगते हैं। उन्होंने बताया कि अभी छोटा प्रोटोटाइप तैयार किया है, इस कार को नियंत्रित करने के लिए ब्रेक, गैस को कंट्रोल करने की तकनीक खोजकर बड़ा प्रोटोटाइप तैयार किया जाएगा।
कार्यक्रम में छात्रों ने तकनीक संबंधी वॉल पेंटिंग की। संस्थान की निदेशक प्रो. रचना अस्थाना ने कहा कि शंखनाद जैसे कार्यक्रमों से छात्रों में टीमवर्क समेत अन्य प्रतिभाएं विकसित होती हैं। इस मौके पर डॉ. मनीष सिंह राजपूत, श्रीनाथ द्विवेदी, डॉ. अनुज श्रीवास्तव, जय सिंह, मान्या बाजपेई, तरुण गुप्ता और हेरा फातिमा आदि मौजूद रहे।
पहले दिन हुईं ये प्रतियोगिताएं
द बग, कोडिंग लीग, केम-ई-कार, मेज सॉल्विंग एलएफआर, हैकाथॉन, लोगोमैनिया, वेबमैनिया, सपोनिफाई, मॉक साक्षात्कार, नॉवेल रिव्यू, सेल इट आउट, डिबेट और मॉडल एग्जिबिशन समेत विभिन्न प्रतियोगिताएं हुईं। नॉवेल रिव्यू के विजेता इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांच के छात्र राजवीर सिंह, सेल इट आउट की विजेता केमिकल ब्रांच की विभा, डिबेट में केमिकल ब्रांच की वैष्णवी सिंह विजेता बनीं। कोडिंग लीग में इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के सत्यम और द बग में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के आकाश प्रजापति विजयी बने।