सिख विरोधी दंगों की जांच कर रही एसआईटी में शामिल एक इंस्पेक्टर पर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। एसआईटी एसएसपी ने इस संबंध में डीआईजी को पत्र भेज इंस्पेक्टर के बारे में रिपोर्ट भेजी है। डीआईजी से एसआईटी में शामिल करने के लिए कुछ नए तेज तर्रार दरोगा भी मांगे हैं।
जिससे जल्द से जल्द जांच कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जा सके। एसआईटी एसएसपी बालेंदु भूषण सिंह ने बताया कि टीम में इंस्पेक्टर गणेश शंकर द्विवेदी भी हैं। उनको एक केस की विवेचना सौंपी गई थी। जिसमें इंस्पेक्टर ने साक्ष्य, गवाह आदि न मिलने का हवाला देकर फाइल बंद कर दी थी।
बाद में इसी केस की जांच एक दरोगा को दी गई। दरोगा ने केस में साक्ष्य, गवाह के साथ तमाम अहम दस्तावेज जुटाए। जिसकी विवेचना जारी है। यहां तक कि आरोपी भी चिन्हित कर लिए हैं। इस लापरवाही की वजह से इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की संस्तुति की है। एसएसपी ने बताया कि वर्तमान में एसआईटी में चार इंस्पेक्टर व नौ दरोगा हैं।