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सिख दंगा: भाई व सेवादार को रजाई में लपेट आग लगा मार डाला था, एसआईटी ने दर्ज किए पीड़ित परिवारों के बयान

Sat, 12 Dec 2020 02:37 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सिख दंगा (फाइल फोटो) - फोटो : गूगल
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उत्तर प्रदेश के कानपुर में 1984 के सिख दंगे के दौरान दर्ज मुकदमों में पीड़ितों के बयान दर्ज करने पंजाब पहुंची एसआइटी ने शुक्रवार को जालंधर में तीन और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। किदवईनगर के ब्लॉक के रहने वाले दंगा पीड़ित पुरुषोत्तम सिंह ने बयान दर्ज कराया कि एक  नवंबर 1984 को सैकड़ों दंगाइयों ने उनका घर घेर लिया।
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महिलाओं ने पड़ोसी पंडितजी के घर जाकर जान बचाई थी। दंगाई छोटे भाई सरदुल और एक सेवादार गुरुदयाल को खींचकर बाहर ले गए। मारपीट करते हुए दोनों को रजाई-गद्दों में लपेटा और आग लगाकर मार डाला था। लूटपाट भी की थी। टीम ने उनके भाई सर्वजीत सिंह और दोनों की पत्नियों के बयान भी लिए। 

 
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इसी तरह दबौली के पीड़ित परिवारों ने भी बयान दर्ज कराए। परिवारों ने बयान दर्ज कराने के लिए जल्द ही कानपुर आने का भरोसा भी दिया है। बता दें कि 1984 के सिख दंगे के दौरान शहर में अपनों को खोने के बाद कई लोग शहर छोड़कर पंजाब, लुधियाना, जालंधर, चंडीगढ़, मोहाली, पटियाला समेत अन्य शहरों में पलायन कर गए थे।

शासन के निर्देश के बाद 19 मुकदमों की जांच एसआईटी कर रही है। शुक्रवार को एसआइटी की टीम पंजाब से जालंधर पहुंची। वहां पीड़ित परिवारों के बयान दर्ज किए। एसआइटी के एसपी बालेंदु भूषण ने बताया कि टीम ने पंजाब में अब तक पांच पीड़ित परिवारों के बयान दर्ज कर लिए हैं।

शनिवार को टीम अमृतसर जाएगी। बयान होने के बाद सामने आए आरोपितों का सत्यापन कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। पूछताछ में 27 आरोपियों के नाम सामने आए हैं जिनका सत्यापन किया जाएगा।  
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