उत्तर प्रदेश के कानपुर में 1984 के सिख दंगे के दौरान दर्ज मुकदमों में पीड़ितों के बयान दर्ज करने पंजाब पहुंची एसआइटी ने शुक्रवार को जालंधर में तीन और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। किदवईनगर के ब्लॉक के रहने वाले दंगा पीड़ित पुरुषोत्तम सिंह ने बयान दर्ज कराया कि एक नवंबर 1984 को सैकड़ों दंगाइयों ने उनका घर घेर लिया।
महिलाओं ने पड़ोसी पंडितजी के घर जाकर जान बचाई थी। दंगाई छोटे भाई सरदुल और एक सेवादार गुरुदयाल को खींचकर बाहर ले गए। मारपीट करते हुए दोनों को रजाई-गद्दों में लपेटा और आग लगाकर मार डाला था। लूटपाट भी की थी। टीम ने उनके भाई सर्वजीत सिंह और दोनों की पत्नियों के बयान भी लिए।