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सिख दंगा: हत्या कर पिता-पुत्र के जलाए गए थे शव, रतनलाल नगर में हुई थी वारदात, आगजनी के मिले सुबूत

Sun, 17 Jan 2021 04:20 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सिख दंगा (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
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सिख विरोधी दंगों की जांच कर रही एसआईटी को बड़ी सफलता मिली है। रतनलाल नगर स्थित जिस मकान में पिता-पुत्र की हत्या कर शव जाए गए थे, वहां आगजनी के साक्ष्य मिले हैं। यहां अधजले दरवाजों की फोरेंसिक टीम ने जांच की। इसमें साबित हुआ कि आग से जलने के निशान करीब चार दशक पुराने हैं।
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वहीं कल्याणपुर में जिन दो भाइयों को दंगाइयों ने मार दिया था, वहां का घटनास्थल जस का तस मिला है। एसआईटी एसएसपी बालेंदु भूषण सिंह ने बताया कि गोविंद नगर थाने में दर्ज केस नंबर 436/84 व कल्याणपुर थाने में दर्ज केस नंबर 416/84 में घटनास्थल आज भी सुरक्षित है। बस मामूली बदलाव किया गया है।
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गोविंद नगर के रतनलाल नगर एमआईजी 388 नंबर मकान में घुसे दंगाइयों ने सरदार हरबंश सिंह और उनके बेटे महेंद्र सिंह की हत्या कर दी थी। लूटपाट करने के बाद दोनों के शव पेट्रोल डालकर फूंक दिए थे। घर में भी आग लग गई थी। मामले में फोरेंसिक टीम ने जांच रिपोर्ट एसआईटी को सौंप दी है।

नहीं बदला घटनास्थल
कल्याणपुर में दंगाइयों ने लाठी-डंडों और सरिया से पीट-पीटकर सगे भाई हरबंश सिंह और भगत सिंह की हत्या कर दी थी। लूटपाट कर दंगाई फरार हो गए थे। एसएसपी के मुताबिक घटनास्थल की फोरेंसिक जांच कराई गई। साथ ही पुरानी जांच से घटनास्थल का मिलान किया गया। 90 फीसदी से अधिक मिलान हो गया। फर्श आदि बाद में बनवाई गई। घटनास्थल की शिनाख्त वादी ने ही की है।

बयान भी हो चुके हैं दर्ज
एसआईटी ने मृतकों के परिजनों को भी खोज निकाला है। हरबंश सिंह का परिवार पंजाब के मोहाली में रह रहा है जबकि भगत के परिजन बजरिया में रहते हैं। जांच अधिकारी ने दोनों के परिवारीजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं। उन्होंने वारदात के दिन की दंगाइयों की बर्बरता बयान की। जल्द कोर्ट में भी उनके बयान दर्ज कराए जाएंगे।
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