‘बेताल और सिंहासन बत्तीसी’ बच्चों को गुदगुदाएगा। साथ ही उन्हें राजा भोज के किरदार से काफी सीख भी मिलेगी। सीरियल में राजा विक्रमादित्य के बत्तीस गुणों वाले सिंहासन को हासिल करना राजा भोज का लक्ष्य है। इस चुनौती को प्राप्त करने के लिए राजा का बत्तीस सीढ़ियों से गुजरना पड़ता है और हर सीढ़ी पर उनके बल और विवेक की परीक्षा ली जाती है।
बेताल भी कदम कदम पर राजा को भयभीत करता है।’ सब टीवी पर सोमवार से शुरू हुए सीरियल बेताल और सिंहासन बत्तीसी के मुख्य किरदार सिद्धार्थ अरोड़ा (राजा भोज) ने मंगलवार को सीरियल की बातें पत्रकारों से साझा की। बनारस के रहने वाले सिद्धार्थ ने बताया कि यह सीरियल ‘बेताल पच्चीसी’ के ग्यारह हजार वर्षों के आगे की कहानी है।
इसमें राजा भोज जो कि पराक्रमी राजा है। राजा विक्रमादित्य के खाली सिंहासन को पाने का जज्बा दिखाते हैं। बत्तीसा सिंहासन को प्राप्त करने में 32 सीढ़ियों को पार करना है, हर एक सीढ़ी पर एक नई चुनौती है। सीरियल में कामेडी, हारर, एक्शन सभी का समागम है।
सिद्धार्थ ने मुक्ति मंत्र, ना बोले तुम न मैने कुछ कहा, डोली अरमानों आदि सीरियल में काम किया है। बेताल की भूमिका निभा रहे संदीप आर्या ने बताया कि वे हैरतंगेज कारनामों से राजा भोज को डराते दिखाई देंगे।
सीरियल में उनका उद्देश्य राजा विक्रमादित्य का सिंहासन हासिल करने से राजा भोज को रोकने है। 2006 से छोटे पर्दे पर शुरुआत करने वाले संदीप ने एफआईआर, सुन यार चिल मार आदि सीरियल में काम किया है।