शुक्लागंज कोतवाली गंगाघाट के सहजनी तिराहे के निकट बीते 19 जून 2020 को सरेराह पत्रकार शुभममणि त्रिपाठी को गोलियों से छलनी कर हत्या कर दी गई थी। मामले में मंगलवार को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने आरोपी गैंगस्टर व भूमाफिया कन्हैया अवस्थी की तीसरी बार जमानत अर्जी खारिज कर दी है। मामले में बीते चार साल से कन्हैया, उसकी पत्नी दिव्या व भाई राघवेंद्र के अलावा रिजवान काना व सूफियान जेल में बंद है जबकि मोनू खान को जमानत मिल गई है लेकिन गैंगस्टर मामले में राहत नहीं है, इसलिए वह अभी जेल में है।
बता दें कि पत्रकार हत्याकांड मामले में मृतक के बड़े भाई ऋषभ मणि त्रिपाठी की तहरीर पर कन्हैया अवस्थी, दिव्या अवस्थी, राघवेंद्र अवस्थी, शाहनवाज बिहारी, मोनू खान, कपिल कटारिया, रानू शर्मा, विकास दीक्षित, संतोष बाजपेई, शूटर रिजवान काना, टीपू सुल्तान, शानू गांधी, सूफियान, अफसर अहमद, अब्दुलबारी, कौशल किशोर उर्फ अपराधी बाबा व अतुल दुबे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। अतुल को पुलिस ने क्लीन चिट दे दी, जबकि अपराधी बाबा का पुलिस आज तक पता नहीं लगा सकी, जो फरार है। वहीं मामले में कन्हैया, दिव्या, राघवेंद्र, रिजवान काना और सूफियान जेल में बंद है। मोनू खान को पत्रकार मामले में चार अप्रैल को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। हालांकि गैंगस्टर के मामले में जमानत नहीं मिली है, जिससे वह अभी जेल में है। शेष सभी आरोपियों को जमानत मिल चुकी है, जो जेल से बाहर है। ऋषभ मणि त्रिपाठी ने बताया कि मंगलवार को कन्हैया की तीसरी बार हाईकोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी है।