गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के चंपापुरवा मोहल्ले में बुधवार की शाम दिल दहलाने वाली घटना हुई। चचेरी बहन के पागल-पागल कहकर चिढ़ाने से गुस्साए चेचेरे भाई ने हथौड़े से सिर और चेहरा कूचकर उसकी हत्या कर दी। घटना के समय दोनों घर में अकेले थे। हत्यारोपी के पिता के घर पर पहुंचने पर वारदात की जानकारी हुई। पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया है। परिजनों के मुताबिक युवक मानसिक मंद्धित है, उसका इलाज भी हो रहा है।
उन्नाव के अजगैन कोतवाली क्षेत्र के रामबख्श खेड़ा गांव निवासी गोले की पुत्री अंजू (22) पखवाड़ा भर पहले गंगाघाट के चंपापुरवा निवासी चाचा शिवशंकर धानुक के यहां मकरसंक्रांति त्यौहार मनाने के लिए घर आई थी। तब से वह यहीं रूकी थी। अंजू की बुधवार देर शाम उनके ही चचेरे भाई शिवम उर्फ गोलू ने हथौड़े से चेहरे और सिर पर कई वार कर निर्मम हत्या कर दी। आरोपी के पिता शिवशंकर ने बताया कि उनकी पत्नी सवित्री चार दिन पहले उन्नाव के लुकैयाखेड़ा स्थित अपने मायके चली गई थी। गोलू से बड़ा बेटा राजा और छोटा बेटा बऊवा रोज की तरह नौकरी पर चले गए थे।
घर पर गोलू और अंजू अकेले थी शाम छह बजे वह आर्डनेंस फैक्ट्री से नौकरी कर वापस लौटे तो मेन गेट खुला था तभी गोलू नीचे नंगे पैर आता दिखा पूछा तो घबराने लगा और पागल, पागल कह कर चिल्लाने लगा। ऊपर जाकर देखा तो अंजू सोफे पर औंधे मुंह खून से लथपथ पड़ी थी पास ही एक वजनी हथौड़ा खून से सना रखा था। जिसकी सूचना पुलिस को दी आरोपी के पिता का कहना है कि गोलू मानसिक बीमार है और 2015 से कानपुर के एक मनोचिकित्सक के यहां से उपचार चल रहा है। जब गोलू से घटना के बारे में पूछा ये कैसे हुआ तो बोला पागल कहकर चिढ़ा रही थी मार दिया। जांच प ड़ताल करने सीओ सीओ सिटी सोनम सिंह पहंची जिन्होंने बताया कि आरोपी को पकड़ कर हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। मौके पर फाेरेंसिक टीम ने पहुंच कर जांच की। कोतवाली प्रभारी अनुराग सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।