मेरे मांगने पर दिलाई थी जैकेट
वो हमेशा व्यापारिक क्षेत्र में ही जाने की सलाह देते थे। उनके मार्गदर्शन में ही मैने ग्यारहवीं में कॉमर्स विषय की पढ़ाई शुरू की है। सौमित्र ने बताया कि इस बार मेरे जन्मदिन पर वह गिफ्ट नहीं दे पाए थे, फिर मेरे मांगने पर उन्होंने एक जैकेट दिलाई।
सबसे ज्यादा खुशी भैया मनाते
उसको अब जीवन भर उनकी याद में अपने सीने से लगाकर रखेंगे। भैया हमेशा कार्टून के नाम से मुझको पुकारते थे बहुत सारे नाम रख रखे थे। यदि आज भैया हमारे साथ होते, तो मेरे पास होने की खुशी सबसे ज्यादा वही मनाते।