रामादेवी के पास हाईवे सिटी योजना के पास नगवां में केडीए एक और आवासीय योजना ला रहा है। इसके लिए दो लाख वर्ग मीटर जमीन अधिग्रहण के लिए किसानों से करार हो गया है। 15-20 दिन में वहां इतनी ही और जमीन अधिगृहीत करने की तैयारी है।
इस गांव में किसानों को 36 लाख रुपये प्रति बीघा मुआवजा मिलता देख आसपास के सतवरी और सकरापुर के कई किसान भी केडीए से जमीन लेने के लिए अनुरोध कर रहे हैं। यहां पर सभी वर्गों के लोगों को प्लाट मिलेंगे।
अपना लैंडबैंक बढ़ाने के लिए केडीए नगवां में 52 हेक्टेयर (260 बीघा या पांच लाख 20 हजार वर्ग मीटर) जमीन अधिगृहीत करने की कवायद कर रहा है। प्राधिकरण बोर्ड से हुए फैसले के हिसाब से जमीन के एवज में किसानों को 36 लाख रुपये प्रति बीघा मुआवजा दिया जा रहा है। इस प्रकार मुआवजे के रूप में 92.60 करोड़ रुपये दिए जाने हैं।
केडीए के तहसीलदार के अनुसार जमीन देने के लिए करार करने वाले किसानों को अपर जिलाधिकारी (भूमि अध्याप्ति) के माध्यम से मुआवजे के चेक दिए जा रहे हैं। इस क्रम में गत माह 53 किसानों से करार हुआ, इनमें से 75 प्रतिशत किसान मुआवजा भी ले चुके हैं। 4 जनवरी को 27 और किसानों से करार हो गया। इन्हें जल्द मुआवजा राशि दी जाएगी।
15-20 दिन में 20 हेक्टेयर और जमीन अधिगृहीत करने की तैयारी है। तहसीलदार के अनुसार नगवां में किसानों को मोटा मुआवजा मिलता देख सतवरी और सकरापुर गांव के किसानों ने भी केडीए को जमीन देने की इच्छा जताई है। नगवां की जमीन अधिगृहीत करने के बाद आसपास के गांवों में कार्रवाई की जाएगी।
विरोध पर मल्टीस्टोरी निर्माण रुका
कानपुर। शताब्दी नगर योजना में मंगलवार को किसानों ने धरना देने के साथ ही केडीए की तरफ से कराया जा रहा निर्माण रुकवा दिया। इसका पता चलते ही अभियंताओं से लेकर तहसीलदार तक मौके पर पहुंचे और नापजोख शुरू कराई।
केडीए के अनुसार निर्माण के बीच थोड़ी - थोड़ी जमीन पर तीन किसानों का स्टे है, उतने हिस्से में निर्माण रुकवा दिया गया है। इससे लगभग चार ब्लाक (64 फ्लैट) प्रभावित हो रहे हैं। किसानों के समझौता होने के बाद वहां भी निर्माण होगा।
केडीए शताब्दी नगर में निम्न वर्ग और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए टाइप-1, टाइप-2 और टाइप-3 के 7360 फ्लैट बनवा रहा है। मध्य वर्ग और उच्च मध्य वर्ग के लिए केडीए हाइट्स के नाम से 1200 टू-बीएचके फ्लैट भी बनाए जा रहे हैं।
इनमें से शताब्दी नगर फेस-3 में चार मंजिला मकानों में टाइप - 1 और टाइप-3 (ईडब्लूएस, एलआईजी) श्रेणी के फ्लैट बनाए जा रहे हैं। इस निर्माण के विरोध में वहां के किसान 31 दिसंबर से धरना दे रहे हैं।
मंगलवार को सुबह प्रताप सिंह के नेतृत्व में धरने पर बैठे मुंशीलाल, बाबूलाल, सूबेदार, कल्लू, कलावती, मंजू, ऊषारानी, सुनीता, राजाराम आदि ने केडीए के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद उस स्थल पर निर्माण रुकवा दिया, जहां सात किसान अपनी जमीन होने का दावा कर रहे थे।
प्रताप सिंह का कहना था कि केडीए एक साल से उन्हें उचित मुआवजा देने का दावा कर रहा है, पर भुगतान नहीं किया। कुछ किसानों के मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं।
दूसरी तरफ काम रुकने का पता चलते ही दोपहर में अधिशासी अभियंता दीपक गुप्ता, तहसीलदार बीएल पाल सहित अन्य अफसर मौके पर पहुंचे और मामला समझा।