टिकट न मिलने से नाराज सपा के पुराने कार्यकर्ता और शिवपाल के ‘लड़ाके’ समाजवादी पार्टी में ही सेंधमारी कर रहे हैं। फर्रुखाबाद जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी घमासान तेज हो गया है। सबसे दिलचस्प चुनाव अमृतपुर और भोजपुर में होने के आसार हैं। इन दोनों सीटों पर सपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के लड़ाके सपा के वोट बैंक में सेंधमारी के लिए नये-नये तरीके अपना रहे हैं।
निर्दल की ताल ठोंकी
अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र में 19 फरवरी को होने जा रहे चुनाव में सपा के निवर्तमान विधायक नरेंद्र सिंह यादव, भाजपा के पूर्व विधायक सुशील शाक्य और बसपा के अरुण मिश्र उर्फ बंटी के बीच छिड़े चुनावी संग्राम की तिकड़ी में शिवपाल सिंह यादव ने नया पेंच फंसा दिया है। इस सीट पर शिवपाल के करीबी प्रदीप यादव ने लोकदल से ताल ठोंककर सपा के गढ़ में सेंधमारी शुरू कर दी है। बसपा से निकाले गए शिशुप्रताप सिंह भी निर्दल ताल ठोंककर प्रत्याशियों की चुनावी गणित बिगाड़ रहे हैं। इस विधानसभा क्षेत्र में 298310 मतदाता हैं। इनमें से यादव जाति के 16 फीसदी और मुस्लिम जाति के चार फीसदी मतदाताओं पर लोकदल प्रत्याशी डोरे डाल रहे हैं।
ऐसे हो रहा राह में कांटे बिछाने का काम
भोजपुर विधानसभा में सपा से निवर्तमान विधायक जमालुद्दीन सिद्दीकी के पुत्र अरशद जमाल सिद्दीकी की राह में कांटे बिछाने का काम शिवपाल के करीबी उमेश यादव कर रहे हैं। वे अलीगंज विधायक रामेश्वर सिंह यादव के पुत्र ब्लाक प्रमुख डा. सुबोध यादव के भी खास समझे जाते हैं। उमेश यादव ने इस सीट से अपनी मां उर्मिला यादव को महान दल से चुनाव मैदान में उतार दिया है।
इस विधानसभा क्षेत्र में भाजपा से नागेंद्र सिंह राठौर और बसपा से नितिन सिंह जैमिनी राजपूत मैदान में हैं। उर्मिला यादव के चुनाव मैदान में उतरने से इनके समीकरण भी गड़बड़ा सकते हैं। यहां 306478 मतदाताओं में 19 फीसदी यादव, 15 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं। सपा जिलाध्यक्ष नदीम फारुकी कहते हैं कि उमेश व प्रदीप को पार्टी से निकाल दिया गया है। इनसे कोई खास नुकसान नहीं होगा।