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कानपुर के शिवमोहन यादव को 51 हजार राशि का उमाकांत मालवीय युवा बाल साहित्य सम्मान

Thu, 15 Nov 2018 10:07 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

- चंदा मामा वाले बाल साहित्य के सामने गूगल बाबा की चुनौती : डॉ. शर्मा
- उपमुख्यमंत्री ने सात बाल साहित्यकारों का किया सम्मान
- कहा, समय के साथ बाल साहित्य में भी परिवर्तन जरूरी 
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शिव मोहन यादव
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विस्तार
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कानपुर देहात के शिवमोहन यादव को उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की ओर से लखनऊ में आयोजित बाल साहित्य सम्मान समारोह अभिनंदन पर्व में ''उमाकांत मालवीय युवा बाल साहित्य सम्मान'' दिया गया। शिवमोहन की किताब- 'लल्ला और बिट्टी' (पं. प्रताप नारायण मिश्र अवार्ड से सम्मानित), 'सिंहों के अवतार तुम्हीं हो' पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। रेडियो बुंदेलखंड में भी इनकी रचनाओं का प्रसारण भी हो चुका है। कानपुर देहात के नेराकृपालपुर गांव निवासी सूरज सिंह यादव के बेटे शिवमोहन यादव लेखक होने के साथ-साथ पेशे से पत्रकार भी हैं। शिवमोहन को इस पुरस्कार के साथ अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र और 51 हजार रुपये की राशि भेंट की गई। पिछले 13 सालों से युवा लेखक शिवमोहन का बाल साहित्य 'नंदन', 'चंपक', 'बालहंस' समेत तमाम राष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हो रहा है। 
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उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने इस मौके पर कहा कि सभी महान साहित्यकारों ने बाल साहित्य जरूर लिखा है। मौजूदा दौर में हर भारतीय भाषा में बाल साहित्य सृजन की जरूरत है। समय में बदलाव के साथ बाल साहित्य की रचनाओं में भी परिवर्तन की जरूरत है। बच्चों में नैतिकता का बोध कराने वाले साहित्य का दौर विलुप्त हो रहा है। अमेरिकी शोध भी कहता है कि बच्चों को दादा-दादी, नाना-नानी की कहानियां सुनाना संयुक्त परिवार शैली की जरूरत है, ताकि संस्कारों का विकास होता रहे। त्योहारों की कथाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृतियों, धार्मिक परंपराओं में हमें नैतिकता का पाठ पढ़ाया गया, जिसने हमारी पीढ़ी को संस्कारी बनाया। आने वाली पीढ़ी को भी उन्हीं संस्कारों को जरूरत है। 

विशिष्ट अतिथि साहित्यकार डॉ. सूर्यप्रसाद दीक्षित ने कहा कि आज के बच्चे डिजिटली रूप से हमसे कहीं ज्यादा तेज हैं। ऐसे में लेखकों को उनकी समझ का बाल साहित्य लिखना होगा। अध्यक्षता कर रहे हिंदी संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष सदानंद प्रसाद गुप्ता ने बाल और किशोर पाठकों के लिए जरूरी साहित्य सृजन की सार्थकता पर चर्चा की। निदेशक हिंदी संस्थान शिशिर ने भी विचार रखे। संचालन संस्थान की संपादक डॉ. अमिता दुबे ने किया।

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13 सालों से शिवमोहन का बाल साहित्य पत्रिकाओं में हो रहा प्रकाशित

शिव मोहन यादव अपने प्रशंसकों के साथ
इन साहित्यकारों को मिला सम्मान
सम्मान    साहित्यकार
जगपति चतुर्वेदी बाल विज्ञान लेखन सम्मान    डॉ. अरविंद दुबे, लखनऊ
सुभद्रा कुमारी चौहान महिला बाल साहित्य सम्मान    डॉ. शोभा अग्रवाल चिलबिल, लखनऊ
सोहनलाल द्विवेदी बाल कविता सम्मान    अनंत प्रसाद रामभरोसे, बलिया
अमृतलाल नागर बाल कथा सम्मान    दिनेशप्रताप सिंह चित्रेश, सुल्तानपुर
शिक्षार्थी बाल चित्रकला सम्मान    किशोर श्रीवास्तव, झांसी
उमाकांत मालवीय युवा बाल साहित्य सम्मान    शिवमोहन यादव, कानपुर देहात
डॉ. रामकुमार वर्मा बाल नाटक सम्मान    अंजू शर्मा, गोरखपुर
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