इससे नाराज पवन ने मारपीट के बाद गला घोटकर हत्या कर दी। इसके बाद पत्नी के शव को बोरे में भरकर दुकान के नीचे स्थित शराब के गोदाम में फेक दिया। गुरुवार को पवन ने अपने भाई दीपक को कॉल आपबीती बताई और चार पांच लोगों केसाथ दुकान पर आकर शव को ठिकाने लगाने की बात कही। जिसके बाद दीपक ने दुकान के मैनेजर अंकुर सिंह को कॉल कर पूरी घटना क्रम बताई।
शुक्रवार सुबह दीपक और दुकान के मैनेजर पुलिस टीम के साथ दुकान पहुंचा। पुलिस को भाई के साथ देख पवन भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उसे दबोच लिया। पूछताछ में उसने वारदात कबूल की है। इधर हत्या की सूचना पर फोरेंसिक टीम संग मौके पर पहुंचे एसीपी कल्याणपुर दिनेश शुक्ला ने जांच पड़ताल कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
20 साल पहले किया था प्रेम विवाह
थानाप्रभारी अंजन कुमार सिंह ने बताया कि पवन ने 20 साल पहले शिबा से प्रेम विवाह किया था। शिबा गैर समुदाय की युवती थी। पवन ने पूछताछ में बताया कि पांच साल पहले उसके छोटी बेटी को भाई को गोद दिया था। इसके बाद से वह लगातार बच्ची को लाने का दबाव बना रही थी। पिछले एक सप्ताह से वह काफी दबाव बना रही थी, जिसके चलते विवाद शुरू हो गया था।
गंगाघाट थाने के बाहर की थी मारपीट
पवन ने बताया कि बीते मंगलवार को शिबा उसे जबरन गंगाघाट थाने ले गई। जहां थाने के बच्ची को लेकर थाने के बाहर उसकेसाथ मारपीट की। इसके चलते वह वापस लौट आया था। बुधवार को बेटी को स्कूल में टिफिन देने के बाद शिबा दोबारा उस पर गंगाघाट थाने चलने का दबाव बनाने लगी।
इस पर उसने कहा कि काम निपटाने के बाद चलेंगे, लेकिन वह नहीं मानी। दोपहर करीब 12 बजे वह ठेके पहुंच गई, जहां विवाद के बाद उसने पवन को तमाचा जड़ दिया। इससे नाराज होकर उसने शिवा को धक्का मार दिया। शिबा सिढ़ी से गोदाम में नीचे गिर गई। उसके सिर में चोटें आई थी। इसके बाद उसने गुस्से में दुपट्टे से उसका गला कस दिया था।
भाई को छोटी बेटी दिया था गोद तो शुरू हुआ था विवाद
दीपक ने बताया कि उनकी कोई औलाद नहीं है। लिहाजा पवन ने अपनी छोटी बेटी को पांच साल पहले उन्हें गोद दिया था। इसके चलते पवन और उसकी पत्नी में विवाद शुरू हो गया था। हाल ही में फिर इसी बात पर विवाद हुआ था। इस कारण पवन ने शिबा को मौत के घाट उतार दिया।
तुम्हारे अकेले के बस की बात नहीं है भाई
दीपक ने बताया कि पवन ने उन्हें कॉल कर कहा था कि चार पांच लोगों केसाथ आना। तुम्हारे अकेले के बस की बात नहीं है। रोज रोज का झगड़ा ही खत्म कर दिया। मार दिया शिबा को। पवन की बात सुनकर वह डर गए। पूरे परिवार को फंसता देख उन्होंने ठेके के मैनेजर को कॉल किया। इसके बाद थाने पहुंचकर घटना की जानकारी दी।