अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि यह निर्णय नया इतिहास रचा गया है। जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में इससे पहले कभी भी संस्कृत भाषा में निर्णय पारित नहीं किए गए। ऐसे फैसले से संस्कृत भाषा प्रोत्साहित होगी। हम भी इस भाषा को जानने और समझने का प्रयास करेंगे। आमतौर पर निर्णय हिंदी या अंग्रेजी में पारित किए जाते हैं।