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पाकिस्तान से दोस्ती के बयान पर घिरी शीला दीक्षित, चौतरफा विरोध

Tue, 04 Oct 2016 10:12 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
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27 साल यूपी बेहाल बस यात्रा में शामिल होने इटावा पहुंची शीला दीक्षित - फोटो : अमर उजाला
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27 साल यूपी बेहाल बस यात्रा में शामिल होने इटावा पहुंची कांग्रेस नेता शीला दीक्षित ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा भारत और पाकिस्तान अगर जंग में फंसते हैं तो दोनों ही देशों को भारी नुकसान होगा। दोस्ती दोनों ही देशों की जरूरत है।
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दरअसल आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का सिर्फ एक टारगेट है कि प्रदेश में पार्टी की सरकार बने। मंगलवार सुबह दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने यात्रा से पूर्व सिंचाई विभाग डाक बंगले में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जंग हमेशा ही नुकसानदायक होती है। जिससे देश का विकास रुक जाता है और हर तरह से जंग में फंसे देश को नुकसान होता है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर भारत और पाक जंग में फंसते हैं तो दोनों के सामने भी यही स्थितियां आएंगी इसलिए दोनों ही देशों के लिए दोस्ती जरूरी है।

वहीं उनके बयान पर चौतरफा विरोध शुरू हो गया है। शीला पर गुस्सा जाहिर करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सचिव सुरेश अवस्थी ने कहा कि खून की नदियां बहाने वालों से दोस्ती नहीं की जाती। पाकिस्तान से दोस्ती करने का तो कोई आशय ही नहीं बनता। दोस्ती बराबर वालों से होती है। प्रधानमंत्री ने उरी हमले का बदला लिया है। अब इटावा के शहीद नितिन की मौत का बदला भी हम लेंगे।
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उधर, सपा कानपुर अध्यक्ष फजल महमूद ने कहा कि हम शांति का पैगाम देते हैं। कई बार भाजपा और कांग्रेस के लोग भी तो कई बार दोस्ती कर चुके हैं। पाकिस्तान से कोई भी दोस्ती नहीं होनी चाहिए। समझौता बराबर वालों से करेंगे। शीला दीक्षित के बारे में उन्होंने कहा कि उनका दिमाग ठीक नहीं हैं। उनको आराम की जरूरत है। बुजुर्ग शीला दीक्षित को आराम फरमाना चाहिए। 
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