तीन गवाह कोर्ट में हुए पेश
आगजनी मामले में पहले गवाह के रूप में एफआईआर लेखक, दूसरे गवाह के रूप में वादिनी नजीर फातिमा की बेटी कनीज जेहरा और तीसरे गवाह के रूप में नजीर के बेटे शमसुल हसन को अभियोजन ने कोर्ट में गवाही के लिए पेश किया था। इरफान और रिजवान की ओर से अधिवक्ताओं ने 20 अप्रैल को जिरह पूरी कर ली थी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई पेशी
मंगलवार को आरोपी शौकत अली की ओर से अधिवक्ता रवींद्र वर्मा, मो.शरीफ की ओर से अधिवक्ता चंद्रप्रकाश शर्मा और इसराइल आटे वाला के अधिवक्ता जमीर अंसारी ने शमसुल हसन से जिरह की। मामले में महाराजगंज जेल में बंद इरफान की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी हुई, जबकि बाकी चारों आरोपी कोर्ट में हाजिर रहे।
इरफान की तलबी के लिए कोर्ट में दी अर्जी
इरफान की ओर से अधिवक्ता करीम अहमद सिद्दीकी ने 27 मई को इरफान को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश करने के लिए अर्जी दाखिल की है। तर्क दिया कि इरफान का स्वास्थ्य अब ठीक है। नया गवाह 27 मई को कोर्ट में आना है इसलिए इरफान को व्यक्तिगत रूप से हाजिर रखा जाए।
रंगदारी मामले में इरफान की जमानत अर्जी वापस
जाजमऊ के दुर्गा विहार निवासी विमल कुमार ने 25 दिसंबर 2022 को जाजमऊ थाने में इरफान सोलंकी, बिल्डर हाजी वसी, शाहिद लारी व कमर आलम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रंगदारी व जमीन कब्जाने का आरोप लगाया था।
नॉट प्रेस की अर्जी कोर्ट में दी
इसी मामले में इरफान की ओर से अधिवक्ता गौरव दीक्षित ने जमानत अर्जी दाखिल की थी। गौरव ने बताया कि मंगलवार को उन्होंने जमानत अर्जी पर बल न देने (नॉट प्रेस) की अर्जी कोर्ट में दी। इसी आधार पर प्रभारी जिला जज अजय कुमार त्रिपाठी ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।