कैबिनेट मंत्री महाना के चचेरे भाई और बर्रा के सराफ का नंबर भी गूगल से किया था हासिल
कैबिनेट मंत्री सतीश महाना के चचेरे भाई और बर्रा के सराफ से रंगदारी मांगने वाले शातिरों को कानपुर पुलिस ने बुधवार को धर दबोचा। शातिरों ने दोनों की प्रोफाइल गूगल पर चेक की और वहीं से मोबाइल नंबर हासिल किया था। पुलिस ने दोनों शातिरों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया है। दोनों ने बताया कि वे गूगल पर प्रोफाइल देख टारगेट तय करते थे। प्रदेश में लूट और रंगदारी की और भी वारदात की हैं।
एसपी पूर्वी अनुराग आर्या ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर बताया कि 18 जुलाई को बर्रा विश्वबैंक जे-सेक्टर निवासी सराफ घनश्याम गुप्ता से दो लाख और लालबंगला निवासी कैबिनेट मंत्री के चचेरे भाई चेतन महाना से फोन पर एक लाख रुपये रंगदारी मांगी गई थी। मामले में एसएसपी की स्वॉट टीम, चकेरी और बर्रा पुलिस को खुलासे के लिए लगाया गया। सर्विलांस की मदद से पुलिस फरीदाबाद पहुंची। यहां मोहम्माबाद के असमापुर गांव निवासी सत्येंद्र सिंह यादव और मास्टर माइंड मैनपुरी के बजेरा गांव के विशाल वैश्य के बारे में पता चला। पुलिस के मुताबिक वहां से दोनों के कानपुर में होने की जानकारी हुई। मंगलवार को दोनों को हरजेंदर नगर चौराहे से गिरफ्तार किया गया। इनके पास से पांच मोबाइल फोन, दो तमंचे और चोरी की बाइक भी बरामद हुई। मास्टर मांइड विशाल ने बताया कि गूगल की मदद से कानपुर समेत कई जिलों के डॉक्टर, ज्वैलर्स और कारोबारियों को निशाने पर ले रखा था। रंगदारी नहीं देने वालों पर जानलेवा हमला भी करवाते थे। मंगलवार को दोनों चेतन महाना पर हमला करने की फिराक में भी थे।