फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शरद पूर्णिमा: सोलह कलाओं का चंद्रमा आज रात बरसाएगा अमृत, इन चीजों का रखें खास ध्यान

Wed, 24 Oct 2018 05:49 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 4
डेमो पिक
अश्विन मास की पूर्णिमा में प्रदोष और निशीथ काल होने पर ही शरद पूर्णिमा होती है। आज रात 10:15 बजे तक पूर्णिमा है। इस कारण प्रदोष एवं निशीथ काल दोनों को समावेश से शरद पूर्णिमा है। इसी दिन चंद्रमा सोलह कलाओं का होकर पृथ्वी के काफी समीप होता है।
 
विज्ञापन

2 of 4
डेमो पिक
अश्वनी नक्षत्र होने के कारण चंद्रमा की किरणों में धरती के प्रति आकर्षण बढ़ जाता है। कुमुदिनी का पुष्प आज की रात पूरी तरह से खिलता है। पद्मेश इंस्टीट्यूट ऑफ वैदिक साइंसेस के संस्थापक केए दुबे पद्मेश ने बताया कि बुधवार यानी आज सुबह 9:23 बजे तक रेवती नक्षत्र तक पंचक थे। सुबह 10:30 बजे तक भद्रा भी थी। आज के दिन लक्ष्मी का पूजन होता है जिस कारण दीप दान अवश्य करना चाहिए।
विज्ञापन

3 of 4
डेमो पिक
महर्षि वाल्मीकि जयंती भी आज ही है। निर्णय सिंधु के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात्रि में चंद्रमा से निकलने वाली किरणें शीतलता प्रदान करती हैं। रात्रि में एक चांदी के कटोरे में अथवा कांच के बर्तन में चावल या मखाने की बनी खीर को रेशम के कपड़े से ढक कर रख दें और दूसरे दिन वह खीर भगवान को अर्पित करके प्रसाद रूप में ग्रहण करें।
विज्ञापन

4 of 4
डेमो पिक
माना जाता है कि चंद्रमा से निकलने वाली किरणें अमृत तुल्य होती हैं। मन और तन को शुद्ध करने में सहायक होती हैं। उन्होंने बताया कि कुमुदिनी का पुष्प तभी खिलता है जब चंद्रमा की किरणें उस पर पड़ती हैं। आज कुमुदिनी का पुष्प यदि दांपत्य एक दूसरे को दें तो उनका दांपत्य जीवन और अधिक सुखी होगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें