पाकिस्तान की जेल से रिहा होकर अमृतसर पहुंचे शमसुद्दीन
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पाकिस्तान की जेल से रिहा होकर अमृतसर पहुंचे शमसुद्दीन परिवार से मिलने के लिए क्वॉरंटीन अवधि पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। वह इस समय छेरहटा के नारायणगढ़ स्थित अरबन कम्युनिटी हेल्थ सेेंटर में हैं। गुरुवार को उन्होंने अमर उजाला के संवाददाता से फोन पर बात कर अपना दर्द बयां किया।
शमसुद्दीन ने फोन पर बताया कि 30 साल पहले वह मोहल्ले के रहने वाले सैदुल्लाह साहब की बेटी और दामाद के साथ पाकिस्तान घूमने गए थे। इसके बाद वापस न लौट सके। पाकिस्तान की जेल में हुए अमानवीय अत्याचारों को याद उनका गला भर आता है। वे बोले कि खुदा किसी को भी ऐसे दिन न दिखाए, जो मैंने देखे हैं।
अंधेरे में की पूछताछ, महीनों ठीक से सो न सके
शमसुद्दीन ने बताया कि उन्हें जेल में तमाम यातनाएं दी गईं। पड़ोसी मुल्क में भारतीय मुसलमान की हालत बताते हुए कहा कि हिंदुस्तान में मुसलमान को जितनी आजादी है, उतनी पाकिस्तान में नहीं है। भारतीय जासूस का तमगा लगने के बाद उन्हें जेल में डाल दिया गया। जहां उनसे पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने पूछताछ की। इस दौरान वह महीनों तक रोशनी नहीं देख पाए थे।