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Kanpur News: 15 दिसंबर के बाद पड़ेगी कड़ाके की ठंड

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कानपुर। ठंडी हवाओं को बांधे रखने वाली उत्तरी ध्रुव की भंवर कमजोर पड़ी तो इसके ताकतवर घेरे से निकल कर ठंडी हवाएं गंगा के मैदानी इलाकों में आ गईं। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय का कहना है कि इसी वजह से हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी न होने के बावजूद ठंडक बढ़ गई है। ध्रुवीय हवाएं लगातार आ रही हैं। इससे ठंडक बढ़ती रहेगी। 15 दिसंबर के बाद कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार हैं।
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डॉ. पांडेय ने बताया कि उत्तरी ध्रुव पर माइनस 40-50 तापमान रहता है। ध्रुवीय हवाएं तेजी से आ रही हैं। जिस रूट से ये हवाएं चल रही हैं, उनके नीचे जेट स्ट्रीम भी बह रही है। ध्रुवीय हवाएं जब नीचे आती हैं तो अपने साथ जेट स्ट्रीम को भी ले आती हैं। इससे ठंडक और बढ़ी है।
ध्रुवीय हवाओं की रफ्तार इस समय 400 किमी प्रति घंटा है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बन गया है। इसकी वजह से नम हवाएं राजस्थान होते हुए कानपुर परिक्षेत्र में आ रही हैं। इसकी वजह से माहौल में नमी बढ़ रही है। सीएसए के मौसम विभाग की वेधशाला में गुरुवार को सुबह की नमी का प्रतिशत 93 रहा है।
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विभाग के तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि बादल आने पर एक-दो डिग्री तापमान बढ़ सकता है। उसके बाद फिर तापमान गिरेगा। 15 दिसंबर से कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार हैं। वर्ष 2013 में पहली दिसंबर को तापमान एक डिग्री सेल्सियस पर चला गया था।
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आलू को झुलसा से बचाने को खेत में नमी रखें
अजय मिश्रा का कहना है कि आलू की फसल को झुलसा रोग पकड़ सकता है। ऐसे में किसान हल्की सिंचाई करके खेतों में नमी बनाए रखें। इसी तरह चने की फसल अगर 30 से 35 दिन की हो गई तो हल्की सिंचाई करें। इसके अलावा कीटनाशक का छिड़काव कर दें।
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