चित्रकूट में रेलवे ट्रैक डैमेज
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रेलवे की बड़ी लापरवाही एक बार फिर उस समय जग जाहिर हो गई जब मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग पर बने मानिकपुर जंक्शन की चटकी पटरी से 6 से ज्यादा सुपरफास्ट ट्रेनें गुजर गईं। कानपुर में हुए दो बड़े रेल हादसों के बाद भी रेलवे की ऐसी सुस्ती अगली दुर्घटना के संकेत दे रही है।
मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग पर स्थित मानिकपुर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक की चटकी लाइन से सोमवार रात आधा दर्जन सुपर फास्ट ट्रेनें गुजर गईं। सुबह प्वाइंट्समैन ने चटकी लाइन देखी तो हलचल मच गई। रेललाइन को ब्लॉक करके करीब तीन घंटे तक मरम्मत का काम चला। इसके बाद ट्रेनों का आवागमन शुरू हुआ।
मानिकपुर जंक्शन के प्लेटमाफार्म नंबर तीन पर इटारसी पैसेंजर के आने पर मंगलवार की सुबह लगभग साढे़ छह बजे प्वाइंट्समैन अमृतलाल उसे संकेत देने जा रहे थे। तभी उन्होंने प्लेटफार्म नंबर एक की पटरी चटकी देखी और दौड़कर सहायक स्टेशन मास्टर केके यादव को जानकारी दी। इससे स्टेशन पर हड़कंप मच गया और उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई पहुंची। पीडब्ल्यूआई राजेश कुमार वर्मा तकनीकी सहायकोें के साथ पहुंचे और लाइन ब्लाक करके मरम्मत शुरू कराया। लगभग तीन घंटे तक चले मरंमत कार्य के दौरान टेनों को दो व तीन नंबर प्लेटफार्म से गुजारा गया। पीडब्ल्यूआई ने बताया कि सर्दियों के कारण अक्सर पटरियां चटक जाती हैं। हालांकि कोई नुकसान नहीं हुआ है। उधर स्टेशन प्रबंधक जवाहर लाल ने बताया कि संभावना है कि पटरी रात को ही चटकी होगी। रात में महानगरी एक्सप्रेस , ताप्तीगंगा एक्सप्रेस , उदना एक्सप्रेस, साकेत एक्सप्रेस व रत्नागिरी एक्सप्रेस समेत कई नान स्टाप ट्रेनें इसी लाइन से गुजरीं थीं।
अफसरों के निरीक्षण की पोल खुली
पुखरायां, रूरा रेल लाइन पर दर्दनाक हादसे के बाद रेलवे के अधिकारियों ने कुछ दिन पहले मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग की पटरियों व अन्य सुविधाआें का निरीक्षण किया था। एक सप्ताह पहले भी मानिकपुर जंक्शन के पास पटरी चटकी मिली थी। अब फिर पटरी चटकी मिली है। ऐसे में अफसरों-कर्मचारियों की लापरवाही फिर उजागर हुई।