कानपुर में ‘धरती के भगवान’ निर्दयी हो गए। मरीज ऑक्सीजन के लिए तड़पता रहा लेकिन हैलट अस्पताल प्रशासन चैन की नींद सोता रहा। तीमारदार परेशान होकर इधर-उधर दौड़ते रहे लेकिन कहीं से भी ऑक्सीजन नहीं मिल पाई। डॉक्टरों को फोन भी किया गया लेकिन मरीज की जान बचाने के लिए किसी ने कुछ भी नहीं किया।
लाला लाजपत राय चिकित्सालय (हैलट) के न्यूरोलॉजी विभाग में भर्ती रमादेवी (60) की सोमवार रात मौत हो गई। तीमारदारों का आरोप है कि ऑक्सीजन न मिलने की वजह से रमादेवी की तड़पकर मौत हो गई। मंगलवार सुबह परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया तो उनकी जूनियर डॉक्टरों से झड़प हो गई। आखिर में परिजन शव लेकर चले गए।
ठंड से ब्रेन हैमरेज के बाद सरसौल रेलवे स्टेशन निवासी रामसहाय की पत्नी रमा को हैलट के न्यूरोलॉजी वार्ड के 10 नंबर बेड पर भर्ती किया गया था। बेटे सुनील ने बताया कि सोमवार रात अचानक मां की हालत बिगड़ने पर वह लोग ऑक्सीजन के लिए भागे। सुनील का आरोप है कि इमरजेंसी से लेकर कई वार्डों के चक्कर काटने के बावजूद आक्सीजन का कोई इंतजाम नहीं हुआ। मौके पर मौजूद स्टाफ भी सोता रहा। इसकी वजह से मां की मौत हो गई। मंगलवार सुबह परिजनों ने हैलट में हंगामा किया तो जूनियर डॉक्टरों से उनकी नोकझोंक भी हुई। कुछ देर बाद परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर चले गए।