लोग बोले- दोनों वाहनों की गति बहुत तेज थी
स्थानीय लोगों ने बताया कि दोनों वाहनों की गति बहुत तेज थी। मोड़ पर एक वाहन को ओवरटेक करने के बाद बोलेरो चालक का संतुलन बिगड़ा। यह देखकर सामने से आ रही बस के चालक ने भी बोलेरो को बचाने का प्रयास किया, तो बस दाहिने साइड की ओर आ गई। इसी बीच दोनों की भीषण टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बोलेरो का आधा हिस्सा बस के अगले हिस्से में घुस गया।
सात लोगों की मौत और 15 घायल
बोलेरो सवार मप्र के पन्ना जिला अजयगढ़ के लइचा गांव निवासी चालक प्रताप पटेल (45), पिता आनंदी पटेल (60), पत्नी अशोका देवी (40), पुत्री आकांक्षा (10) , पुत्र सनद पटेल (12), बहन रामबाई (35) व कोर्राही कमासिन बांदा निवासी जगजीत कुशवाहा (50) की मौत हो गई। इनमें प्रताप पटेल उनकी पुत्री अकांक्षा, बेटा सनद, बहन रामबाई व बांदा निवासी जगजीत की मौत चित्रकूट में ही हो गई।
जेसीबी के माध्यम से निकाले गए थे शव
आनंदी पटेल और अशोका देवी ने प्रयागराज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके अलावा बोलेरो सवार अरविंद, सविता, सुनैना, अंश, संतोष व गुलाब घायल हो गए। वहीं, बस सवार नौ यात्री भी घायल हुए। घटना स्थल पर पहुंचे डीएम अभिषेक आनंद व एसपी वृंदा शुक्ला ने जेसीबी बुलवाकर बोलेरो व बस के अगले हिस्से को अलग कराया। बोलेरो में कुल 11 लोग सवार थे। इसमें दो लोगों के शव फंस गए थे, जिन्हें जेसीबी के माध्यम से निकाला गया।
80 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ रही थी बस व बोलेरो
बगरेही के पास मौजूद राहगीरों व प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटनास्थल के पास सुनसान सड़क रहती है। अक्सर इस मार्ग पर वाहनों की गति तेज रहती है। मंगलवार की सुबह लगभग 11 बजकर 40 मिनटर पर गुजर रहे इन दोनों वाहनों की गति भी 80 किमी. प्रतिघंटे से कम नहीं थी। इसीलिए दुर्घटना के बाद दोनों वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए। बोलेरो का आधा हिस्सा लगभग पूरी तरह दब गया है।
बोलेरो चालक को झपकी भी बताया कारण
घटना स्थल के आसपास मौजूद लोगों की मानें, तो बगरेही मोड़ पर बोलेरो चालक को झपकी लगी। अचानक मोड़ पर एक वाहन आने से उसका संतुलन बिगड़ा जैसे ही वह संभला तो सामने से तेज रफ्तार से आ रही जनरथ से टक्कर हो गई।
खून से सराबोर बोलेरो के आगे बेबस दिखे ग्रामीण
बगरेही गांव में हाइवे कि नारे बसे घरों के निवासी दोपहर को घरों के बाहर बैठे थे। इसी दौरान उनके सामने भीषण भिड़ंत हो गई। इससे बोलरो में फंसे यात्रियों की जान बचाने को ग्रामीण दौड़ पड़े, लेकिन बोलरो के दरवाजे न खुलने के कारण वह कुछ नहीं कर नहीं पा रहे थे। पुलिस ने किसी तरह से दरवाजा खोलकर घायलों को निकाला। बोलेरो के अंदर खून ही खून नजर आ रहा था।
मृतकों की पहचान चार घंटे बाद हुई
दुर्घटना के समय मौत के गाल में समाये यात्रियों की शिनाख्त चार घंटे बाद पुलिस कर सकी। बोलेरो के नंबर के आधार पर पता लगाया कि यह पन्ना जिले के अजयगढ़ इलाके की है। इसके बाद परिजनों को बुलाया गया। जिन्होंने आकर शवों की शिनाख्त की।