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शिवम हत्याकांड: अपहरण के बाद गला रेतकर पांडु नदी में फेंका था शव, सातों दोषियों को उम्रकैद

Thu, 31 Oct 2019 10:56 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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पिता प्रदीप और मां दीपिका के साथ मृतक शिवम - फोटो : अमर उजाला
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फतेहपुर कलेक्ट्रेट में तैनात प्रशासनिक अधिकारी के 17 वर्षीय पुत्र शिवम के अपहरण और हत्या के मामले में दोषी सभी सात अभियुक्तों को अपर जिला जज नवम विकास गुप्ता ने उम्रकैद और पचास-पचास हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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छह अभियुक्तों को आर्म्स एक्ट के तहत भी दोषी पाए जाने पर दो-दो हजार रुपये अतिरिक्त जुर्माना भुगतना होगा। आवास विकास हंसपुरम निवासी प्रदीप वाजपेई का पुत्र शिवम 11 वीं का छात्र था। 17 अगस्त 2009 को साइकिल से कोचिंग जाते समय फिरौती के लिए उसका अपहरण कर लिया गया था।

 
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देररात तक शिवम के घर न लौटने पर प्रदीप ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। अपहरणकर्ताओं ने उस समय फतेहपुर में डीएम के पेशकार रहे प्रदीप को अगले दिन पहले घाटमपुर फिर रमईपुर बुलाया लेकिन पुलिस की बढ़ती घेराबंदी के चलते अपहरणकर्ता रकम वसूलने की हिम्मत नहीं जुटा सके।

अपहरणकर्ताओं ने शिवम की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी और शव पांडु नदी में फेंक दिया था। दो दिन बाद पुलिस ने पांडु नदी से शिवम का शव बरामद किया था। मामले में नौबस्ता थानान्तर्गत आवास विकास हंसपुरम के रहने वाले अमित यादव, सुनील परिहार, अखिलेश अवस्थी, विजयपाल के पुत्र संजय यादव, छोटे सिंह उर्फ क्रांति व फतेहपुर के औंग निवासी कुलदीप यादव तथा फतेहपुर के कल्याणपुर निवासी शंभू के पुत्र संजय यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

एडीजीसी सरला गुप्ता व अधिवक्ता ब्रह्मदत्त मिश्रा ने बताया कि सभी सात आरोपी दस साल से जेल में बंद थे। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने सातों अभियुक्तों को अपहरण और हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
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