नए साल के पहले दिन एक जनवरी 2016 से जिले में सेट टॉप बाक्स लगाए जाने की योजना में अभी वक्त लगेगा। आपरेटरों की ओर से उपभोक्ताओं की संख्या नहीं देने पर इस प्रक्रिया को चालू होने में एक माह लग जाएगा।
फिलहाल जिले में प्रसारण एनालॉग से हटाकर डिजिटल कर दिया गया है। बिना सेट टॉप बाक्स के प्रसारण बंद हो गया है।
एक जनवरी से जिले में शासन सेट टॉप बाक्स के माध्यम से प्रसारण लागू करना था।
इसके लिए केबिल आपरेटरों द्वारा उपभोक्ताओं को सेट टॉप बाक्स लगाया जाना था। शासन ने इसके माध्यम से मनोरंजन कर चोरी पर लगाम लगाने की कार्ययोजना बनाई है। तीन हजार से अधिक उपभोक्ता केबिल टीवी से मनोरंजन कर रहे थे।
31 दिसंबर की रात 12 बजे से बिना सेट टॉप बाक्स के टीवी का मजा ले रहे ऐसे उपभोक्ताओं की प्रसारण बंद कर दिया गया, जहां सेट टॉप बाक्स नहीं लगा था।
केबिल टीवी संचालक अखिलेश श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में सेट टॉप बाक्स लगाने कार्य किया जा रहा है। कहा कि जल्द सभी उपभोक्ताओं सेट टॉप बॉक्स लगाया जाना मुश्किल काम है।
मनोरंजन कर अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि पूरे जिले सभी केबिल टीवी संचालकों को सेट टॉप बाक्स लगाने के निर्देश दिए गए हैं। अभी केबिल ऑपरेटरों ने सेट टॉप बॉक्स नहीं लगा पाए हैं। ब्योरा नहीं दिया।
ब्योरा पूरा होने में एक माह का वक्त लग जाएगा। बताया कि डिजिटल प्रसारण होने से जिले का मनोरंजन राजस्व दो गुना हो जाएगा। जिले से 12 लाख रुपए सालाना राजस्व की आय होती थी।