इटावा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक प्रशिक्षण डॉ. पवन कुमार अरुण ने रविवार देर शाम संयुक्त जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। डीजी प्रशिक्षण ने जिला अस्पताल की इमरजेंसी में दिल के रोगियों के लिए अलग से केबिन बनाने के निर्देश दिए। साथ ही एक नोडल अधिकारी नामित कराया गया। अब जिला अस्पताल में मेजर हार्ट अटैक के आने वाले मरीज की रिपोर्ट आयुर्विज्ञान विवि के कॉर्डियो विभाग के एचओडी को भेजकर संस्तुति कराई जाएगी। इसके बाद इंजेक्शन लगाकर मरीज को विवि तक पहुंचाया जाएगा। डॉकटिर के अनुसार ऐसे में गंभीर मरीज जिनकी रास्ते में मौत हो जाती थी, संख्या कम होगी।
डीजी प्रशिक्षण डॉ. पवन कुमार अरुण ने इमरजेंसी में दिल के रोगी समेत सामान्य रोगियों की जानकारी ली। उन्होंने सीएमएस को जिला इमरजेंसी में हृदय रोगियों के लिए अलग से केबिन बनाए जाने के निर्देश दिए। एक नोडल अधिकारी को नामित करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला जिला अस्पताल में एसएनसीयू कक्ष में भर्ती होने वाले मरीजों को देखा। खामियों को दुरस्त करने के निर्देश दिए। इस मौके पर सीएमएस समेत कई अफसर व कर्मी मौजूद रहे।
इमरजेंसी में दो बेड का बनेगा केबिन
सीएमएस डॉ. पारितोष शुक्ला ने बताया कि जिला अस्पताल की इमरजेंसी में हृदय रोगियों के लिए दो बेड का केबिन बनाया जाएगा। इसमें आने वाले हृदय रोगी भर्ती किए जाएंगे। इसके लिए जिला अस्पताल के डॉ. अजय शर्मा को नोडल अधिकारी को नामित किया गया है। साथ डॉ. सौरभ यादव उनके सहयोगी होंगे। उन्होंने दोनों डॉक्टरों को इसका प्रशिक्षण दिया जा चुका है। साथ ही इमरजेंसी के सभी फार्मासिस्ट व स्टाफ को ईसीजी करने का प्रशिक्षण मिल चुका है। इससे वह हृदय रोगी का सबसे पहले ईसीजी करेंगी। रिपोर्ट के आधार पर उसका इलाज किया जाएगा।