उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) से संबद्ध सरकारी, गैर सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों के पेपर ई-मेल से भेजने और बार-बार करेक्शन करने के मामले की जांच होगी। कुलपति प्रो, ओंकार सिंह ने कहा कि यह मामला गंभीर है। इसकी जांच विशेष कमेटी से कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
बीटेक, एमबीए, एमसीए, एमटेक, बी. आर्किटेक्चर, बी. फार्मेसी, एमएएम, होटल मैनेजमेंट और फैशन डिजाइनिंग की सेमेस्टर परीक्षाओं में अव्यवस्था का माहौल है। गोपनीयता और पारदर्शिता को दरकिनार करके ई-मेल से पेपर भेजकर और उसकी फोटो कॉपी कराके परीक्षा कराई जा रही है।
इससे एमसीए सहित तमाम परीक्षाएं घंटों देर से शुरू हो रही हैं। इसका खुलासा गुरुवार को ‘अमर उजाला’ ने किया। बताया कि नोडल सेंटर को भरोसे में लिए बगैर ही ई-मेल से पेपर सीधे एग्जामिनेशन सेंटर भेजे जा रहे हैं। इससे पेपर की गुणवत्ता, गोपनीयता प्रभावित हो सकती है।
इसी का संज्ञान कुलपति ने लिया और जांच के आदेश दे दिए हैं। कुलपति ने कहा कि पेपर सेट कराके परीक्षा एजेंसी के माध्यम से छपवाया जाता है।
फिर नोडल सेंटर पर भेजकर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाता है। इस व्यवस्था का अनुपालन क्यों नहीं किया गया, इसका जवाब परीक्षा नियंत्रक से मांगा जाएगा। पूछा जाएगा कि ई-मेल से पेपर भेजने का औचित्य क्या है।