कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विवि में रसायन और पेट्रोकेमिकल औद्योगिक सुरक्षा पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ प्रति कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी ने किया। रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योगों में सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन शुक्रवार को होगा। कार्यक्रम सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के सहयोग से हो रहा है।
पहले दिन आईआईटी कानपुर, एमएनएनआईटी इलाहाबाद, सीएसआईआर-आईआईटीआर लखनऊ व एचबीटीयू जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों ने जोखिम प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, खतरनाक कचरे के निपटान और आपातकालीन तैयारियों पर विस्तृत सत्र आयोजित किए। सीआईपीईटी के महानिदेशक प्रो. (डॉ.) शिशिर सिन्हा ने कहा कि यदि रासायनिक प्रक्रियाओं को सही ढंग से नहीं संभाला जाए तो ये गंभीर खतरे पैदा कर सकती हैं। उन्होंने जोर दिया कि सुरक्षा कोई खर्च नहीं बल्कि एक निवेश है और स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी) को चुनौती नहीं, बल्कि अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रासायनिक इंजीनियरिंग के महत्व को नजरअंदाज नहीं कर सकते। सुरक्षित औद्योगिक संचालन को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार के सचिव राजेश पाठक ने अपने संबोधन में रिसाइकल, रीयूज और रिड्यूस के सिद्धांत को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने व्यावहारिक सुरक्षा कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। सीआईपीईटी-आईपीटी लखनऊ के मैनेजर (टेक्निकल) विवेक कुमार विवेक कुमार ने सभी अतिथियों, आयोजकों और प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में सीआईपीईटी-आईपीटी लखनऊ के प्रिंसिपल डायरेक्टर एवं प्रमुख डॉ. एसएन यादव, प्रो. बृष्टि मित्रा, डायरेक्टर यूआईईटी, डॉ. प्रवीण भाई पटेल, डॉ. आलोक कुमार मौजूद रहे।