जांच के लिए कमेटी गठित की गई
तीमारदारों की भीड़ बढ़ जाने पर डॉक्टरों को काम में दिक्कत होती है। इससे इन सुरक्षा गार्डों की तैनाती की मकसद पूरा नहीं होता। फिलहाल मामले की जांच के लिए डॉ. जीडी यादव, डॉ. आरके सिंह, डॉ. विनय कटियार, डॉ. विकास कटियार, डॉ. अनुराग राजौरिया की कमेटी गठित की गई है।
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त
हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि पूर्व सैनिक सुरक्षा गार्ड सुबह से ड्यूटी पर नहीं आए और बिना लिखित सूचना के चले गए हैं। अस्पताल में दूसरे सुरक्षा गार्डों और कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया है। अस्पताल की व्यवस्था में कोई दिक्कत नहीं है।
रेजीडेंट को लाठी-डंडे लेकर पीटने आए थे गार्डजीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि मंगलवार देर रात पूर्व सैनिक सुरक्षा गार्ड जूनियर डॉक्टर को लाठी-डंडे लेकर पीटने के लिए आए थे। उन्होंने बताया कि बहसा-बहसी के बाद जब मामला शांत हो गया, उसके बाद एक दर्जन गार्ड लाठी-डंडे लेकर आए। यह देखकर हैलट इमरजेंसी में तैनात दूसरे डॉक्टरों ने रेजीडेंट डॉक्टर को छिपा दिया था। बात बेवजह आगे न बढ़े, इस चक्कर में इमरजेंसी के डॉक्टरों ने किसी को फोन नहीं किया। अगर रेजीडेंट डॉक्टर मिल जाता तो बड़ी घटना हो सकती थी। डॉ. काला का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज से इसकी पुष्टि हुई है।