कानपुर में स्वरूपनगर स्थित राजकीय बालिका गृह से फरार दूसरी किशोरी को पुलिस ने फिरोजाबाद से पकड़ लिया। वह अपने प्रेमी के छोटे भाई के साथ फिरोजाबाद में रह रही थी। पेटीएम से पैसे मंगवाने के बाद पुलिस को उसका सुराग लगा और वहां से पकड़कर वापस बालिका गृह में दाखिल करा दिया।
आठ सितंबर को आगरा और जसवंतनगर इटावा की दो किशोरियां बालिका गृह की दीवार कूदकर फरार हो गई थीं। दो दिन बाद पुलिस ने जसवंतनगर की किशोरी को खोज निकाला था। आगरा वाली किशोरी का पता नहीं चल रहा था।
इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार पांडेय ने बताया कि बालिका गृह से भागने के बाद किशोरी आगरा जाने के लिए बस पर बैठी। मगर पैसे न होने की वजह से कंडक्टर ने उसे उतार दिया। उसके बाद उसने एक टेंपो चालक से मदद ली। उसके फोन से प्रेमी के बड़े भाई को फोन किया।
पेटीएम पर 900 रुपये मंगवाए। टेंपो वाले से नगद रुपये लेकर फिरोजाबाद चली गई। पुलिस ने जब प्रेमी और उसके परिजनों के मोबाइल नंबर की सीडीआर निकाली तो टेंपो चालक का नंबर मिला। इसके बाद पुलिस ने दबिश देकर उसे पकड़ लिया।