कानपुर के संवासिनियों की दुर्गति सामने आने के बाद बाल संरक्षण गृह (बालिका) में रह रहीं अतिरिक्त बालिकाओं के लिए अलग बाल संरक्षण गृह बनाने की तैयारी है। वर्तमान में 100 बालिकाओं की क्षमता वाले इस केंद्र में 171 बालिकाएं रह रहीं हैं।
एक-एक बेड पर तीन-तीन बालिकाओं के सोने की बात सामने आई है। महिला आयोग की सदस्य पूनम कपूर ने बताया कि 27 जून को केडीए के पनकी स्थित क्वॉरंटीन सेंटर से सभी बालिकाओं के बाल संरक्षण गृह में आने के बाद जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिला प्रोबेशन अधिकारी के साथ महिला आयोग की बैठक होगी।
इसमें आयोग की प्रदेश अध्यक्ष विमला बाथम भी होंगी। बैठक में बालिकाओं के रहने को लेकर नई व्यवस्था पर विचार विमर्श होगा। सरसैया घाट के पास स्थित वर्किंग वुमन हॉस्टल का सुझाव मिला है लेकिन और जगह भी देखी जा रही हैं। वर्किंग वूमेन हॉस्टल में लोगों का आवागमन रहता है। कई कार्यालय भी हैं। इसलिए इसे उपयुक्त नहीं माना जा रहा है।