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UP: सिकुड़ रहीं ऋतुएं...वसंत, हेमंत व शरद के दिन रह गए चार, CSA के 10 वर्षों के अध्ययन में सामने आया ये बदलाव

Fri, 31 Jan 2025 11:52 AM IST
हिमांशु अवस्थी पंकज प्रसून, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: मौसम में सबसे चौंकाने वाला परिवर्तन यह दिख रहा है कि गर्मी के दिन कम हो रहे हैं, लेकिन जितने दिन गर्मी पड़ती है, चरम पर रहती है। इसी तरह ठंड और बारिश के मौसम में भी यही परिवर्तन देखा जा रहा है।
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जलवायु परिवर्तन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : ANI
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विस्तार
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जलवायु परिवर्तन के असर से बसंत, हेमंत और शरद जैसी ऋतुएं धीरे-धीरे सिकुड़ रही हैं। यह बात चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के मौसम विभाग के 10 वर्षों के अध्ययन में सामने आई है। अध्ययन में बताया गया है कि गर्मी, बरसात और जाड़े के समय और उसके प्रभाव में भी परिवर्तन आया है। इस बार भी ठंड के तुरंत बाद गर्मी शुरू हो गई है। सिर्फ सुबह और शाम की ठंड रह गई है।

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मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के निर्माण क्षेत्र (हीट लैंड एरिया) का दायरा जैसे-जैसे बढ़ रहा है, इस तरह की स्थिति में इजाफा होता जा रहा है। इसकी वजह से गर्मी के दिन बढ़ रहे और ठंड के दिनों में कमी आ रही है। मौसम में सबसे चौंकाने वाला परिवर्तन यह दिख रहा है कि गर्मी के दिन कम हो रहे हैं, लेकिन जितने दिन गर्मी पड़ती है, चरम पर रहती है। इसी तरह ठंड और बारिश के मौसम में भी यही परिवर्तन देखा जा रहा है।

बसंत ऋतु में एक महीने रहती थी गुलाबी ठंड, अब सीधे गर्मी
हिंदी महीने के अनुसार चैत्र को साल का पहला महीना माना जाता है। यानी फागुन की पूर्णिमा के बाद चैत्र मास की शुरुआत होती है। मौसम के लिहाज से चैत्र से बैसाख यानी मार्च और अप्रैल का महीना वसंत ऋतु का होता है। वसंत ऋतु में ही प्रकृति अपना नया चोला धारण करती है। पेड़ों पर नई कोपलें आने लगती हैं। फरवरी तक ठंड का मौसम होने के बाद आगे के दो महीनों में दिन में गुलाबी ठंडक महसूस होती है। यह स्थिति 10 साल पहले तक रही है। इसमें धीरे-धीरे बदलाव होता गया। अब फरवरी में ही गर्मी महसूस होने लगी है।

शरद ऋतु में हल्की ठंड की जगह महसूस होने लगी है उमस
भादों और आश्विन यानी सितंबर और अक्तूबर का महीना शरद ऋतु के नाम से जाना जाता है। इन दिनों में ठंडक हल्की-हल्की महसूस होने लगती है। धूप अच्छी लगने लगती है। पिछले कुछ वर्षों से इन महीनों में कम समय में तेज बारिश रिकार्ड की जाने लगी है। साथ ही उमस भरे दिन भी महसूस होने लगे हैं। जलवायु परिवर्तन की वजह से शरद ऋतु का दायरा कम होने लगा है।

हेमंत ऋतु में ठंड के दिन कम हुए, गर्मी के बढ़े
हेमंत ऋतु हिंदी महीने कार्तिक और पूस (पौष) के बीच का मौसम होता है। यह अक्तूबर से दिसंबर का महीना माना जाता है। दिसंबर आते-आते कड़ाके की सर्दी शुरू हो जाती है। खास तौर से रातें बहुत सर्द होती हैं। जिस तरह से मौसम में परिवर्तन देखा जा रहा है, उससे ठंड के दिन कम होने लगे हैं। कुछ ही दिनों तक अधिक सर्दी पड़ती है। गर्मी के दिन बढ़ गए हैं।

जलवायु परिवर्तन का असर धीमी गति से आगे बढ़ रहा है। पिछले 10 वर्षों के मौसम में हुए बदलाव के अध्ययन से यह बात सामने आई है। इसकी वजह से बसंत, हेमंत और शरद ऋतुएं लगभग खत्म हो चुकी हैं। ठंड के तुरंत बाद गर्मी और गर्मी के तुरंत बाद बारिश आ जाती है। इसकी एक बड़ी वजह लगातार बढ़ते हीट लैंड एरिया को माना जा रहा है।  -डॉ. एसएन सुनील पांडेय मौसम विशेषज्ञ

इस तरह बढ़े गर्मी के दिन
  • वर्ष 2018 में 42 से 44 डिग्री तापमान की गर्मी सिर्फ 10 दिनों तक ही रही।
  • वर्ष 2022 में इसी तापमान में गर्मी 22 दिनों तक रही।
  • वर्ष 2024 में यह 28 दिनों तक दर्ज की गई।
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इस तरह कम हुए ठंड के दिन
  • 2018 में 3 से 4 डिग्री के बीच तापमान .. 7 दिन तक रहा।
  • 2023 में इसी के बीच का तापमान.. सिर्फ 3 दिन रहा।
  • 2024 में भी यह तीन दिन रहा।
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