कानपुर। आईआईटी कानपुर के भौतिकी विभाग में गुरुवार को क्वांटम मैकेनिक्स के 100 साल (1925–2025) : 1925 में क्या हुआ विषय पर व्याख्यान हुआ। इसमें संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक और क्वांटम मेकैनिक्स, परमाणु भौतिकी तथा डेंसिटी फंक्शनल थ्योरी के क्षेत्र में शोध के लिए प्रसिद्ध प्रो. मनोज के. हरबोला ने कहा कि इसकी शुरुआत 1900 में मैक्स प्लैंक के ऊर्जा क्वांटाइजेशन के विचार से हुई।
इसे अल्बर्ट आइंस्टीन, नील्स बोहर, मेघनाद साहा और सत्येंद्र नाथ बोस जैसे वैज्ञानिकों ने आगे बढ़ाया। उन्होंने बताया कि 1925 में वर्नर हाइजेनबर्ग के शोध-पत्र से आधुनिक क्वांटम यांत्रिकी की शुरुआत मानी जाती है।
उन्होंने पारंपरिक सोच को बदलते हुए केवल प्रेक्षणीय तथ्यों के आधार पर सिद्धांत विकसित किया जिससे मैट्रिक्स मैकेनिक्स का जन्म हुआ। यही वह आधार बना जिस पर आगे श्रोडिंगर, बॉर्न, जॉर्डन और डिरॅक ने आधुनिक भौतिकी को नई दिशा दी।
प्रो. हरबोला ने कहा कि हाइजेनबर्ग का 1925 का काम विज्ञान के इतिहास में रचनात्मकता और तर्क की मिसाल है। इसी से भौतिकी ने शास्त्रीय सोच से क्वांटम सोच की ओर कदम बढ़ाया।