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Kanpur: साहब, स्कूल महंगी किताबों का डाल रहा दबाव, डीएम ने दिया तत्काल नोटिस…इन स्कूलों पर कसी नकेल

Tue, 08 Apr 2025 10:57 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: पीड़ित ने बताया कि स्कूल की ओर से गोविंदनगर स्थित फेयरडील बुक सेलर एंड स्टेशनरी की दुकान से ही कॉपी और किताबें अधिक मूल्य में खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है। इस डीएम ने तत्काल स्कूल को नोटिस जारी करने का आदेश डीआईओएस को दिया।
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अधिकारियों के साथ बैठक करते डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में सरसैया घाट सभागार में जनपदीय शुल्क नियामक समिति में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के सामने एक अभिभावक ने जैसे ही शिकायत किया कि उनकी बेटी पर स्कूल ज्यादा कीमत की किताब खरीदने का दबाव बना रहा है, उन्होंने स्कूल को नोटिस भिजवा दिया।

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गुजैनी निवासी एक अभिभावक रजनीश उर्फ नीरज लोहिया ने शिकायत किया कि उनकी बेटी के स्कूल में एक दुकान से ही किताब खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने पूछा कि किस स्कूल का मामला है। नीरज ने बताया कि एक्मे पब्लिक स्कूल का मामला है।

बैठक के दौरान कई स्कूलों की शिकायतें आईं
स्कूल की ओर से गोविंदनगर स्थित फेयरडील बुक सेलर एंड स्टेशनरी की दुकान से ही कॉपी और किताबें अधिक मूल्य में खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है। इस डीएम ने तत्काल स्कूल को नोटिस जारी करने का आदेश डीआईओएस को दिया। बैठक के दौरान कई स्कूलों की शिकायतें आई। इन सभी के खिलाफ जिलाधिकारी की ओर से कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

इन विद्यालयों पर कसी नकेल
डीएम की ओर से एक्मे पब्लिक स्कूल गुजैनी, एनएलके इंटर कॉलेज अशोकनगर, एनएलके पब्लिक स्कूल जवाहरनगर, एसजे विद्या निकेतन इंटर काॅलेज नौबस्ता, वेंडी एकेडमी हाईस्कूल साकेतनगर और चिंटल्स स्कूल रतनलालनगर को दोबारा नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। पहले जब स्कूलों को नोटिस दिया गया था, जिसके जवाब में विद्यालय प्रबंधन ने सारे आरोपों को बेबुनियाद बताया था।

डीएम ने कहा- यह जवाब संतोषजनक नहीं है
छात्रों से न तो गलत फीस वसूली जा रही है और न ही उन्हें किताब अथवा कॉपी किसी चुनिंदा दुकान से खरीदने की को बाध्य किया जाता है। जब डीआईओएस ने यह जवाब बताए इस पर डीएम नाराज हो गए। डीएम ने कहा कि यह जवाब संतोषजनक नहीं है। दोबारा नौ अप्रैल को समिति के सामने दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। वहीं, किताबों की लिस्ट छात्रों को न देने पर विद्यालय के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
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यह है कानून
उप्र स्ववित्तपोषित स्वतंत्र (शुल्क निर्धारण) अध्यादेश-2018 की बिंदु संख्या 10 में उल्लेखित है कि किसी छात्र को पुस्तकें, जूते, मोजे व यूनिफार्म आदि किसी विशेष दुकान से क्रय करने के लिए बाध्य करना नियमों का उल्लंघन है। अर्थदंड के साथ-साथ अन्य आवश्यक कार्रवाई करना समिति के अधिकार क्षेत्र में आता है।
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