मिल में सील पैक रखी हैं छह विदेशी मशीनें
इनकी स्थापना की संभावना कम है। सूत्रों की मानें तो मिल चलाने से पहले सर्वे किया जाएगा। कमेटी बनाने की प्रक्रिया की जाएगी। जो देखेगी कि मिल चलाने के लिए किस तरह की जरूरतें हैं। मिल में मौजूदा समय में छह विदेशी मशीनें सील पैक रखी हैं। जो कुछ साल पहले खरीदी गईं थीं। इसके अलावा 12 मशीनें पहले से मिल में लगी हैं। बताया गया कि 338 करोड़ के रिवाइवल प्लान के जरिये मिल चलाने की रूपरेखा 2011 में बनी थी।
2012 में मिल में उत्पादन बंद कर दिया गया
इसमें मिल के मशीनों की मरम्मत, कर्मचारियों का वेतन, कच्चा माल खरीद आदि की प्रक्रिया तय की गई थी। बीआईसी की फ्री होल्ड सरप्लस जमीनों की बिक्री करने की बात बनी थी लेकिन तत्कालीन सरकार ने जमीनों को फ्री होल्ड नहीं किया। इससे संपत्तियों की बिक्री नहीं हो पाई। 2012 में मिल में उत्पादन बंद कर दिया गया। लाल इमली कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि मिल चलाने के लिए बाजार बेहद जरूरी है। सेना, पुलिस की वर्दी का काम मिल सकता है। इसी तरह स्कूली ड्रेस भी बनाई जा सकेगी।