टमाटर पर माहौल गरमाते ही कानपुर की चकरपुर थोक मंडी से टमाटर पूरी तरह गायब हो गया। पूरे दिन में टमाटर से लदी सिर्फ तीन गाड़ियां आईं। इसमें महज 80 क्विंटल माल निकला। पहले आने वाले व्यापारियों ने माल खरीदा। सैकड़ों फुटकर व्यापारी खाली हाथ लौट गए। कुछ ने जुगाड़ लगाकर महंगे रेट पर माल खरीदा। हालांकि एक दिन पहले का स्टॉक होने की वजह से फुटकर बाजार पर इसका बहुत असर नहीं दिखा। गुरुवार को भी फुटकर बाजार में सौ रुपये किलो ही टमाटर बिका।
15 अगस्त के बाद सुधरेंगे हालात
चकरपुर मंडी में टमाटर के आढ़ती हाजी मो. रफीक बताते हैं कि 15 अगस्त के बाद महाराष्ट्र से टमाटर की आवक शुरू हो जाएगी। इसके बाद ही हालात में सुधार होगा। हिमाचल में बारिश होने की वजह से वहां से माल आने में अक्सर देरी होती है। कई बार माल रास्ते में ही खराब हो जाता है। इस वजह से शहर में ज्यादातर टमाटर की सप्लाई इन दिनों कर्नाटक पर निर्भर है।