देश में नोट बंदी के फैसले के बाद अजीबोगरीब स्थिति कायम है। केंद्र सरकार ने लोगों को 500 और 1000 रुपए के नोट जमा कराने के लिए बैंकों के अलावा डाकघरों का विकल्प दिया था। लेकिन अब डाकघरों में जमा कैश को बैंक लेने से मना कर रहे हैं। इससे स्थिति बिगड़ने के आसार है।
ऐसा ही एक मामला चित्रकूट में सामने आया है।
मुख्यालय के डाकघर में जमा लगभग तीन करोड़ रुपये स्टेट बैंक में जमा करने से शाखा प्रबंधक ने मना कर दिया। डाकघर कर्मचारियों ने डीएम से शिकायत की। डीएम ने पुलिस भेजकर बैंक में रकम जमा कराने के निर्देश दिए। डाकघर के पोस्टमास्टर बीआर पांडेय ने बताया कि उनकी शाखा में जमा धन को एसबीआई कर्वी में ही जमा करने के आदेश हैं। दो दिन से जमा हो रहे 500 व 1000 के नोटों को अब बैंक जमा करने से मना कर रहा है। फुटकर रकम भी नहीं दे रहा जिससे ग्राहकों को लौटाना पड़ता है। इस दौरान ग्राहक अधिकारी व कर्मचारी से विवाद भी करते हैं।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार को धनराशि लेकर एसबीआई पहुंचे तो लौटा दिया गया है। इस पर डीएम मोनिका रानी से गुहार लगाई गई। डीएम ने एसबीआई शाखा प्रबंधक डीके निगम से कारण पूंछा तो उन्होंने बताया कि कुछ नकली नोटों के आने का खतरा रहता है। पूरे नोट मशीन के गिने नहीं हैं। इन नोटों को गिनवाने के लिए अतिरिक्त कर्मचारी भी नहीं हैं। इसीलिए मना किया गया है। बाद में दोनों अधिकारियों को समझाकर बैंक में मशीन से रकम गिनती कराकर जमा कराई गई।