सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे उत्तम समय है। माह भर भक्तों को नियम, संयम व अन्य चीजों का भी ध्यान देना चाहिए। भोलेनाथ जितनी जल्दी प्रसन्न होते हैं उतना ही तेज उनका क्रोध भी है। इसलिए सावन भर भूल कर भी वह कार्य नहीं करने चाहिए जिससे भगवान शिव क्रोधित हों। ज्योतिषाचार्य व डॉ. नरेंद्र दीक्षित बता रहे हैं शिवलिंग के बारें में खास बातें...
Trending Videos
विज्ञापन
इसलिए शिव का किया जाता है अभिषेक
2 of 5
डेमो पिक
देवों के देव महादेव ने जगत कल्याण के लिए विषपान किया था। उसके बाद उनके शरीर से आग निकलने लगी। तब देवताओं ने उनका दूध से अभिषेक किया। तब से भगवान शिव को शांत रखने के लिए उनका दूध, जल, फलों के रस आदि से अभिषेक किया जाता है।
विज्ञापन
शिवलिंग की वैज्ञानिकता
3 of 5
डेमो पिक
- यदि आप भारत का रेडियोएक्टिविटी मैप उठा लें तो हैरान हो जायेंगे।
- भारत सरकार के न्यूक्लियर रिएक्टर के अलावा सभी ज्योतिर्लिंगों के स्थानों पर सबसे ज्यादा रेडिएशन पाया जाता है।
- महादेव के सभी प्रिय पदार्थ जैसे किए बिल्व पत्र, आक, आकमद, धतूरा, गुड़हल, आदि सभी न्यूक्लियर एनर्जी सोखने वाले हैं।
4 of 5
डेमो पिक
- शिवलिंग पर चढ़ा पानी भी रिएक्टिव हो जाता है इसीलिए तो जल निकासी नलिका को लांघा नहीं जाता।
- शिवलिंग पर चढ़ाया हुआ जल नदी के बहते हुए जल के साथ मिलकर औषधि का रूप ले लेता है।
- हमारे पूर्वज भी कहते थे कि महादेव शिवशंकर अगर नाराज हो जाएंगे तो प्रलय आ जाएगी।