म्यांमार में सोमवार तड़के हुए तख्तापलट से कानपुर में भी हलचल हुई। जैसे ही यह सूचना यहां के लोगों को मिली, कानपुर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार के मोबाइल पर कॉल आने लगीं। दरअसल, उनके बेटे सौरभ कुमार (भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी) म्यांमार में भारत के राजदूत हैं।
उनकी खैरियत जानने के लिए शुभचिंतक बेचैन हो गए। सोमवार को म्यांमार की सेना ने वहां की सर्वोच्च नेता आंग सान सू की समेत कई नेताओं की गिरफ्तारी के बाद सत्ता अपने नियंत्रण में ले ली है। म्यांमार की सड़कों पर सैनिक मौजूद हैं।
नवंबर में वहां हुए चुनाव के बाद से ही यह अंदेशा था कि कुछ बड़ा होने वाला है। सेना ने यह आरोप लगाया था कि चुनाव में गड़बड़ी हुई है। डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि बेटे सौरभ का हालचाल लेने के लिए फोन किया था। पता लगा है कि वहां स्थिति सामान्य है।
यहीं पले-बढ़े सौरभ कुमार
म्यांमार में भारत के राजदूत सौरभ कुमार जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग के एचओडी रहे प्रोफेसर डॉ. संतोष कुमार के बेटे हैं। सौरभ इससे पहले ईरान में भारत के राजदूत थे। उसके पहले वह फिजी आदि देशों में भारतीय दूतावासों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
सौरभ कुमार आईआईटी कानपुर से ग्रेजुएट हैं। यूपीएससी परीक्षा की तैयारी उन्होंने कानपुर में ही रहकर की। यहीं उनका घर है। उनके पिता डॉ. संतोष कुमार और मां डॉ. एसके श्रीवास्तव यहीं रहती हैं। डॉ. संतोष कुमार आईएमए कानपुर के अध्यक्ष भी रहे।