राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि संघ के विस्तार के लिए शाखाओं का विस्तार जरूरी है। शाखा में आने वाले स्वयंसेवक व्यक्तिगत से उठकर राष्ट्रहित का चिंतन करने लगता है, उसकी दृष्टि में संपूर्ण समाज उसका परिवार हो जाता है। यही संघ का वैशिष्ट्य है, यही संघ के संस्कार हैं।
कानपुर में अपने दो दिवसीय प्रवास के अंतिम दिन रविवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि हम हिंदू हैं, हम एक राष्ट्र हैं, हमें संगठित होकर अपने समाज और लोगों को एकजुट करना है। यही संघ की अवधारणा है। जातियों में बंटकर, उलझकर बिखरने के बजाए सभी को एक साथ लेकर चलने की आवश्यकता है।
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वीएसएसडी मैदान में संघ की शाखा टोली के 3576 स्वयं सेवकों से कहा कि व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण की यात्रा मार्ग का नाम ही शाखा है। कहा कि संघ के विस्तार के लिए शाखाओं का विस्तार जरूरी है। शाखा में आने वाले स्वयंसेवक व्यक्तिगत से उठकर राष्ट्रहित का चिंतन करने लगता है, उसकी दृष्टि में संपूर्ण समाज उसका परिवार हो जाता है। यही संघ का वैशिष्ट्य है, यही संघ के संस्कार हैं। सर कार्यवाह ने कहा कि 1925 से लेकर आज तक संघ ने इस पवित्र संस्कार को बनाए रखा है। कहने में यह सरल लगता है परंतु इसकी निरंतरता बनाए रखना इतना सरल नहीं है।
उन्होंने कहा संघ का विस्तार करना है। इसका माध्यम भी शाखाओं की संख्या और उससे लोगों को जोड़ने से ही संभव होगा। यह तभी हो पाएगा, जब हमारे अंदर यह सोच बनेगी कि हम केवल हिंदू हैं और हम एक राष्ट्र के नागरिक हैं। कार्यक्रम में कानपुर महानगर की बाल शाखा से लेकर प्रौढ़ शाखा की टोली के स्वयंसेवक उपस्थित रहे। इसमें आठ वर्ष से लेकर 80 वर्ष तक की आयु के स्वयंसेवक शामिल रहे। इस अवसर पर क्षेत्र संघचालक वीरेंद्र जीत सिंह, क्षेत्र प्रचारक अनिल, प्रांत संघचालक भवानी भीख, प्रांत प्रचारक श्रीराम, सह प्रांत प्रचारक रमेश, प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ. अनुपम, विश्व संवाद केंद्र के अध्यक्ष अजीत अग्रवाल, विभाग प्रचारक बैरिस्टर प्रांत शारीरिक प्रमुख ओंकार आदि उपस्थित रहे।