बदमाशों ने जिस तरह धावा बोलते ही गोलियां दागीं थीं, उससे रंजिश में वारदात को अंजाम देने का संदेह शुरू से ही है। पुलिस को इस संबंध में सोमवार को कुछ जानकारियां भी मिली हैं।
कानपुर में सराफ पिता-पुत्र को गोली मारकर लूटने के मामले में पुलिस के हाथ लगे एक सीसीटीवी फुटेज में सामने आया है कि वारदात के दिन दोपहर करीब तीन बजे से ही बदमाश घटनास्थल और आसपास घूम रहे थे। इससे यह तो साफ है कि बदमाशों ने इत्मीनान से रेकी की, फिर गोली मारकर बैग लूटा।
विज्ञापन
पुलिस को कुछ तथ्य मिले हैं, जिसके आधार पर जांच कर रही है। किदवईनगर के ब्लॉक में 24 नवंबर की रात गायत्री ज्वैलर्स के मालिक सुरेश वर्मा और उनके बेटे शशांक वर्मा को बदमाशों ने गोली मार दी थी। बैग लूटकर फरार हो गए थे।
पुलिस जांच में सामने आया था कि घटनास्थल पर आरोपी शाम सात बजे पहुंचे थे और डेढ़ घंटे बाद वारदात अंजाम दी। 70 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने के बाद अब सामने आया है कि बदमाश उसी दिन दोपहर करीब तीन बजे से घटनास्थल के आसपास घूम रहे थे।
विज्ञापन
एक-दो सीसीटीवी फुटेज में बोलेरो नजर आई है। सूत्रों के मुताबिक, उस वक्त बोलेरो में नंबर प्लेट लगी थी, मगर फुटेज में नंबर स्पष्ट नहीं है। उधर, अस्पताल में भर्ती शशांक की हालत में अब सुधार है। एसीपी गोविंदनगर विकास पांडेय ने बताया कि आशंका है कि 12 बोर के तमंचे से गोली मारी गई थी। इसलिए शशांक के शरीर में कई छर्रे धंस गए थे। डॉक्टर ने ऑपरेशन कर निकाल दिए हैं। एक-दो छर्रे दोबारा ऑपरेशन में निकाले जाएंगे।
रंजिश के बिंदु पर भी जांच
बदमाशों ने जिस तरह धावा बोलते ही गोलियां दागीं थीं, उससे रंजिश में वारदात को अंजाम देने का संदेह शुरू से ही है। पुलिस को इस संबंध में सोमवार को कुछ जानकारियां भी मिली हैं। इस आधार पर सुरेश और उनके परिजनों से भी कुछ जानकारी जुटाई है।