जूही विनोबा नगर में मंगलवार सुबह करीब छह बजे स्ट्रीट लाइट बंद करने पहुंचे संविदा कर्मचारी विनय कुमार सविता (44) की खंभे पर उतरे करंट से चिपककर मौत हो गई। सूचना पर संविदा कर्मी के घर पहुंची पुलिस के सामने ही साथी कर्मचारियों और स्थानीय लोगोें ने परिजनों के साथ जमकर हंगामा किया।
कहा कि क्षेत्र में कई ऐसे जर्जर खंभे हैं, जिन पर बारिश में करंट उतर आता है। शिकायत के बाद भी कोई सुनने को तैयार नहीं। इसके अलावा घटना के करीब नौ घंटे बाद भी नगर निगम का कोई अफसर मौके पर नहीं पहुंचा तो गुस्साए परिजन और स्थानीय लोग पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर नगर निगम पहुंचे और जमकर प्रदर्शन किया। नगर आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विनय के बेटे को नौकरी और पांच लाख रुपये मुआवजे की मांग की।
निराला नगर यू ब्लॉक निवासी विनय कुमार सविता नगर निगम के मार्ग प्रकाश विभाग के जोन तीन कार्यालय में 22 वर्षों से संविदा कर्मी था। विनय पर जूही और उसके आसपास के इलाके की स्ट्रीट लाइट जलाने और बंद करने की जिम्मेदारी थी। परिवार में पत्नी मनीषा, बेटी स्वाती और बेटे शिखर और प्रखर हैं। बड़ी बेटी स्वाती ने बताया कि पिता मंगलवार सुबह विनोबा नगर के लिए ड्यूटी पर निकले थे।
विनोबा नगर के लोगों ने बताया कि विनय लाइट बुझाते समय खंभे से चिपककर तड़पने लगे। लोगों ने किसी तरह उन्हें छुड़ाया और उनके मोबाइल से ही परिवार वालों को सूचना दी। स्वाती ने बताया कि आननफानन में सभी लोग मौके पर पहुंचे तो पिता अचेत पड़े हुए थे। पास के एक नर्सिंगहोम ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। किदवईनगर इंस्पेक्टर फाजिल सिद्दीकी का कहना है कि यदि परिजन किसी के खिलाफ तहरीर देंगे तो रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।