कानपुर संजीत यादव अपहरण हत्याकांड की जांच फिलहाल बर्रा पुलिस करती रहेगी। जांच तब तक जारी रहेगी जब तक सीबीआई यह केस टेकओवर नहीं कर लेती। फिलहाल पुलिस संजीत का शव, मोबाइल और फिरौती का बैग बरामद करने के प्रयास में लगी है।
संजीत अपहरण हत्याकांड में पुलिस पांच आरोपियों को जेल भेज चुकी है। खुलासे को गलत बताते हुए परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग की थी। प्रदेश सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी लेकिन केंद्र सरकार से अभी अनुमति नहीं मिली है। तब तक बर्रा पुलिस मामले की जांच करेगी। डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस की टीमें शव, मोबाइल और बैग की तलाश में लगी हैं।
लापरवाही न बरतें, सुबूत जुटाए पुलिस
पूर्व डीजीपी एके जैन का कहना है कि जब तक सीबीआई केस को अपने अधीन नहीं ले लेती है, तब तक स्थानीय पुलिस को जांच का अधिकार रहता है। इसलिए पुलिस को किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। इससे आरोपियों को लाभ मिल सकता है। आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाते रहें।
समय भी लग सकता है
उन्होंने बताया कि जब सीबीआई जांच की सिफारिश जब प्रदेश सरकार करती है तब केंद्र की मंजूरी जरूरी होती है। उसके बाद सीबीआई केस की समीक्षा कर तय करती है कि इसकी जांच सीबीआई स्तर की है या नहीं। इसमें कभी-कभी थोड़ा समय भी लग जाता है।