संजीत अपहरण हत्याकांड में जिस मल्टीमीडिया सेट में फिरौती की कॉल रिकार्ड हुई है सीबीआई कभी भी परिजनों से ये दोनों मोबाइल कब्जे में ले सकती है। 22 जून 2020 को बर्रा निवासी संजीत यादव का अपहरण हुआ था। बदमाशों ने तीस लाख की फिरौती मांगी थी।
कानपुर के चर्चित संजीत अपहरण हत्याकांड में सीबीआई की जांच जारी है। सीबीआई ने उन दोनों मोबाइल फोन परिजनों से मांगे हैं जिनसे उनकी अपहर्ताओं से बातचीत हुई थी। एक कॉल की-पैड वाले मोबाइल से हुई थी बाकी की अन्य कॉल मल्टीमीडिया फोन से।
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जिस मल्टीमीडिया सेट में फिरौती की कॉल रिकार्ड हुई है वह संजीत के नानी का नहीं बल्कि उसके मामा के साले का है। सीबीआई कभी भी परिजनों से ये दोनों मोबाइल कब्जे में ले सकती है। 22 जून 2020 को बर्रा निवासी संजीत यादव का अपहरण हुआ था। बदमाशों ने तीस लाख की फिरौती मांगी थी।
एक महीने बाद पुलिस ने वारदात का खुलासा कर संजीत के दोस्त समेत सात आरोपियों को जेल भेजा था। आरोपियों ने बताया था कि उन्होंने हत्या कर शव पांडु नदी में फेंक दिया है। हालांकि पुलिस शव बरामद नहीं कर सकी थी। अब मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
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तफ्तीश में पता चला कि बदमाशों ने पहला कॉल संजीत की नानी के मोबाइल पर किया था। उनको पता था कि यह नंबर संजीत के पिता चमन लाल का है। यह फोन की पैड का है। इसकी जानकारी उन्होंने चमन को दी थी। तब चमन लाल ने अपने साले नरेंद्र के साले पिंटू के नंबर से उसी नंबर पर कॉल बैक की थी। तब बदमाशों ने उनसे पहली बार फिरौती की मांग की थी।
इसके बाद उन्होंने इस मोबाइल में कॉल रिकॉर्डिंग एप डाउनलोड किया था। फिर जो कॉल आईं उनकी रिकॉर्डिंग होती रही। सीबीआई को मुख्य रूप से इस फोन की जरूरत है। इसकी फोरेंसिक लैब में जांच होगी। जिससे सीबीआई यह साबित करेगी कि इसी नंबर, इसी मोबाइल पर कॉल आई थी जो रिकॉर्ड हुई थी। सीबीआई जल्द परिजनों के बयान भी दर्ज करेगी।