शालिनी के फातिमा बनने के बाद गर्माया धर्म परिवर्तन का मुद्दा
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कानपुर और आसपास के जनपदों में पिछले दिनों हुईं धर्म परिवर्तन की घटनाओं पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गंभीर चिंता जताई है। इससे पार पाने के लिए परिवारों में संस्कार पैदा करने के लिए संपर्क अभियान की जरूरत पर जोर दिया।
भागवत के प्रवास के पहले दिन गुरुवार को संघ के प्रांत व क्षेत्र पदाधिकारियों की बैठक में संघ प्रमुख के सामने धर्मांतरण का मुद्दा रखा गया और उन्हें अवगत कराया गया कि पिछले 6 महीनों में कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के विभिन्न जनपदों में धर्म परिवर्तन से जुड़ी 20 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं।
कई पीड़ित परिवारों ने खुलकर अपनी पीड़ा सामने भी रखी है। बैठक में घरों में काम करने वाले दूसरे संप्रदाय के लोगों, खासकर युवकों पर निगरानी रखने पर गंभीरता से विचार किया गया। यह तर्क दिया गया कि धर्म परिवर्तन के ज्यादातर मामले ऐसे युवकों से ही जुड़े निकले हैं।
संघ प्रमुख ने ऐसी घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई है। भागवत ने बैठक में संयुक्त परिवार बिखरने को भी इसका एक कारण बताया। उन्होंने परिवारों को जोड़ने पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने इस पर चिंता जताई कि परिवारों में कुटुंब की अवधारणा समाप्त होती जा रही है। इसी वजह से इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा मिल रहा है। यह तय किया गया है कि पांच-पांच घरों की टोली बनाकर परिवार के बच्चों में संस्कार की भावना को बढ़ाने और बाहरी तत्वों से सतर्करहने का संपर्क अभियान शुरू किया जाएगा।
धर्मांतरण की इन घटनाओं पर चर्चा
बर्रा 6 व पनकी के रतनपुर में सगी बहनों का मामला, महाराजपुर, चकेरी, पनकी, कल्याणपुर, बाबूपुरवा, किदवई नगर, जूही लाल कालोनी, पोखरपुर, जगईपुरवा, जाजमऊ, गौशाला, आवास विकास, गंगागंज, शिवकटरा केसा के पास, श्यामनगर, विनोबा नगर, काजीखेड़ा, कांशीराम कालोनी फेज 1 व 2, अहिरवां, देवीगंज, बीबीपुर आदि इलाकों में धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों की सूची संघ प्रमुख के सामने रखी गई।