कानपुर देहात/रनियां। औद्योगिक क्षेत्र रनियां से सटे क्रोमियम प्रभावित खानचंद्रपुर व अन्य गांवों में दुधारू मवेशियों के खून में क्रोमियम या अन्य घातक तत्वों की मौजूदगी की जांच की पहल हो रही है। खानचंद्रपुर समेत तीन गांवों में कुल 14 मवेशियों का खून नमूना लिया गया है। खून से अलग-अलग सीरम नमूने तैयार कर सुरक्षित किए गए हैं। इसे जल्द ही आईवीआरआई बरेली भेजा जाएगा।
करीब 20 साल से अधिक समय तक खुले में 95 हजार मीट्रिक टन क्रोमियम कचरा डंप रहा। बीते साल ही कचरा उठान कराई गई है। हालांकि डंप स्थल पर मिट्टी की ऊपरी परत भी क्रोमियम प्रभावित हो गई है। इसका उपचार करना है लेकिन इसकी पहल नहीं हो सकी है। वहीं खानचंद्रपुर व आसपास के गांवों का भूजल प्रभावित हो गया है। इंसानों के शरीर में भी क्रोमियम व मरकरी आदि हानिकारक तत्व पहुंच गए हैं। इसकी निगरानी स्वास्थ्य विभाग कर रहा है।
इधर क्रोमियम युक्त पानी पीने और खेत में उगाया चारा खाने से पशुओं के शरीर में हानिकारक तत्वों के पहुंचे और दूध उत्पादन के जरिए इनके इंसानी शरीर में जाने की भी आशंका है। इसको लेकर पशुपालन विभाग को भी दुधारू पशुओं के खून के नमूना की जांच कराने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में क्रोमियम प्रभावित खानचंद्रपुर के अलावा निकटवर्ती शिवनाथपुरवा, घारमपुर और उमरन गांवों के दुधारू मवेशियों की जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है। सरवनखेड़ा पशुचिकित्सालय के चिकित्साधिकारी डॉ. अंकुर प्रियदर्शी ने बताया कि खानचंद्रपुर और उमरन से तीन-तीन और घारमपुर से आठ मवेशियों के खून के नमूने लिए गए हैं।
इनका सीरम निकालकर सुरक्षित किया गया है। जल्द ही इसे जांच के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान इज्जतनगर बरेली भेजा जाएगा।