रनियां। औद्योगिक क्षेत्र रनियां से सटे गांव खानचंद्रपुर में डंप क्रोमियम की वजह से भूजल दूषित हैं। यहां एनजीटी के निर्देश पर के लोगाें के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है। अब तक की जांच में 400 से अधिक लोगों में क्रोमियम पाया जा चुका है। इस पर जांच का दायरा बढ़ाते हुए तीसरे चरण में पाल पुरवा में 150 की जांच की जानी थी। चार दिन के अभियान में सिर्फ 104 लोगों के रक्त व यूरिन के नमूने लिए गए।
अधिकांश लोगों ने खुजली होने की समस्या बताई। अभियान के अंतिम दिन शुक्रवार को रनियां पीएचसी अधीक्षक डॉ. विशाल भसीन के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम पाल पुरवा गांव पहुंची। यहां टीम ने लोगों को जांच के लिए जागरूक किया। इसके गांव के 24 लोग रक्त व यूरिन का नमूना देने के लिए राजी हुए। टीम की ओर से नमूना लेने के साथ उनकी अन्य बीमारियों के बारे में भी जानकारी जुटाई। सैंपल देने वाले तीन लोगों ने खुजली की समस्या बताई, जबकि तीन लोग जुकाम-खांसी से पीड़ित मिले।
डॉ. विशाल भसीन ने बताया कि सैंपलिंग के अलावा भी स्वास्थ्य विभाग की टीम खानचंद्रपुर व उमरन में प्रति माह आठ शिविर लगाकर लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी करती है। ग्रामीणों में अभी तक क्रोमियम से होने वाले दुष्प्रभाव का असर देखने को नहीं मिल रहा है। लोग सामान्य तौर पर मौसमी बीमारी की समस्या बताते हैं। इनमें कई मरीज खुजली होने के भी शामिल रहते हैं। इन लोगों की विशेष निगरानी करने के लिए दिल्ली एम्स से एसओपी आने का इंतजार है।
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दो चरण में सभी के अंदर मिला था मानक से अधिक क्रोमियम
स्वास्थ्य विभाग ने खानचंद्रपुर व उमरन के लोगों के खून में घुले क्रोमियम का मानक पता करने के लिए जांच तेज की थी। नवंबर व दिसंबर 2025 में जिम्मेदारों की ओर से करीब 252 लोगों के रक्त व यूरिन के नमूने लिए थे। जांच रिपोर्ट में सभी में मानक से आंशिक रूप से अधिक क्रोमियम पाया गया था। जबकि चार लोगों के खून में मानक से अधिक मर्करी पायी गई थी। स्वास्थ्य विभाग इन लोगों के किड़नी व लिवर पर क्रोमियम से होने वाले दुष्प्रभाव की जांच के लिए उनकी एलएफटी व केएफटी आदि की जांच भी साथ में करवाता है।
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वर्जन........
सभी 104 सैंपल खानचंद्रपुर के मजरा पाल पुरवा से लिए गए हैं। सर्दी अधिक होने के चलते ग्रामीणों के सैंपल देने में असमर्थता जताने पर तय लक्ष्य से कम सैंपल एकत्र हो सके हैं। सभी सैंपल को जांच के लिए डॉ. राममनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट लखनऊ भेजा जा रहा है। - डॉ. एके सिंह, सीएमओ