एडीएम सिटी को व्यापारियों ने दिया ज्ञापन
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कोरोना काल में लिए गए नामी कंपनी सिक्का बंधानी हींग के सैंपल पर पांच साल बाद कार्रवाई की गई। कार्रवाई में सबसे ज्यादा पेनाल्टी फुटकर व्यापारी पर लगा दी गई। 30 हजार की पेनाल्टी से परेशान पीड़ित व्यापारी ने कानपुर युवा उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले एडीएम सिटी आलोक कुमार गुप्ता को ज्ञापन दिया। इसमें व्यापारी ने न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि व्यापारी तो केवल उत्पाद की बिक्री करता है।
व्यापारियों ने बताया कि श्यामनगर स्थित फुटकर परचून की दुकान से 2021 कोरोना काल के दौरान नामी कंपनी की हींग की डिब्बी का सैंपल लिया गया। डिब्बी पूरी तरह सील थी, इसमें फंगस निकला था। इसके बाद फुटकर दुकानदार, वितरक और निर्माता पर मुकदमा चलाया गया। प्रथम पार्टी फुटकर दुकानदार को बनाया गया। कानपुर युवा उद्योग व्यापार मंडल उत्तर जिलाध्यक्ष महेंद्र गुप्ता और दक्षिण के महामंत्री पवन तिवारी ने कहा कि हींग ऐसी चीज है जिसकी पैकिंग टिन के डिब्बे में होती है और एल्युमिनियम फिल्म से सीलिंग होती है।
दुकानदार द्वारा जीएसटी भरकर इसका पर्चा लेकर खरीदा गया। खाद्य विभाग द्वारा धोखे में रखकर और उसका सैंपल लिया गया। नवंबर 2025 में उसके खिलाफ 30,000 रुपये, वितरक के खिलाफ 20,000 रुपये और निर्माता के खिलाफ केवल 15,000 रुपये का अर्थदंड पूर्व एडीएम सिटी डाॅ. राजेश कुमार की कोर्ट ने लगाया। पीड़ित दुकानकार योगेश सक्सेना ने बताया कि 18 मई को उनको पेनाल्टी की बात अधिवक्ता से पता चली जबकि आज तक कोई भी नोटिस नहीं आया।
उनका कहना है कि वह तो केवल एक्सपायरी ही देख सकते हैं। सील बंद पैकेट का उत्पाद खराब है या सही, वह कैसे जान पाएंगे। उन्होंने बताया कि खाद्य विभाग के निरीक्षक और अधिकारियों ने बताया था कि उनके ऊपर किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं होगी। जो भी कार्रवाई होगी वह वितरक एवं निर्माता के ऊपर होगी। इस मौके पर विजय गुप्ता, सुरेश द्विवेदी, अवनीश शुक्ला, मनोज जैन, पवन वर्मा आदि मौजूद रहे।